Dehradun:-दून विश्वविद्यालय में पत्रकारिता कौशल पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

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दून विश्वविद्यालय के अंग्रेज़ी विभाग द्वारा मीडिया एवं संचार अध्ययन स्कूल के सहयोग से “पत्रकारिता कौशल पर दो दिवसीय कार्यशाला” का सफलतापूर्वक आयोजन 6 और 7 नवम्बर, 2025 को किया गया। यह कार्यशाला कुलपति प्रो.सुरेखा डंगवाल तथा स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज़ की अधिष्ठाता डॉ.चेतना पोखरियाल के संरक्षण में आयोजित की गई। कार्यशाला का संचालन डॉ.राशी मिश्रा,सहायक प्रोफेसर,मीडिया एवं संचार अध्ययन स्कूल द्वारा किया गया।

इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को समाचार लेखन, संरचना तथा दृश्य कहानी कहने (visual storytelling) की समझ विकसित करने के लिए प्रायोगिक गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया।

कार्यशाला के उद्घाटन दिवस, 6 नवम्बर, 2025 का विषय “समाचार संप्रेषण में शब्दों और दृश्यों की शक्ति की खोज” था। डॉ.मिश्रा ने विद्यार्थियों को “समाचार क्या है और क्या नहीं?” पर विचारोत्तेजक चर्चा में सम्मिलित किया। उन्होंने समाचार के प्रमुख तत्वों जैसे सामयिकता,प्रमुखता,संघर्ष,मानवीय रुचि और नवीनता के बारे में विस्तार से बताया। प्रतिभागियों ने शीर्षक लेखन की कला सीखी और समूहगत गतिविधियों के माध्यम से स्वयं शीर्षक तैयार किए। इस सत्र ने सृजनात्मकता,टीमवर्क और आलोचनात्मक सोच को प्रोत्साहित किया, जिससे विद्यार्थियों को पत्रकारिता लेखन और प्रस्तुति का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ।

कार्यशाला के दूसरे दिन, 7नवम्बर, 2025का विषय “कहानी की रूपरेखा:संरचना, विन्यास और दृश्य कहानी कहने की कला” था। डॉ.मिश्रा ने विद्यार्थियों को अख़बार के पृष्ठ विन्यास (layout) और डिज़ाइन की मूल बातें समझाईं। उन्होंने डमी पेज की अवधारणा पर चर्चा करते हुए प्रतिभागियों को व्यावहारिक अभ्यास करवाया,जिसमें पृष्ठों को कॉलम में विभाजित करना, उपयुक्त शीर्षक चुनना और आकर्षक दृश्य सामग्री का संयोजन शामिल था। उन्होंने यह भी कहा कि “किसी भी समाचार पत्र कार्यालय की रीढ़ उसकी संपादकीय टीम होती है,” और विद्यार्थियों को सटीकता व सृजनात्मकता में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा दी। दोनों दिनों में दून विश्वविद्यालय और माया देवी विश्वविद्यालय, देहरादून के 110 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रतिभागियों ने शब्दों और दृश्यों के संगम से प्रभावशाली समाचार कहानियाँ गढ़ने की कला को आत्मसात किया। कार्यशाला का समन्वयन डॉ.ग़ज़ाला ख़ान और डॉ.अदिति बिष्ट द्वारा किया गया,जबकि श्रेया फ़ेथ ग्रिम ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यशाला का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ,जहाँ विद्यार्थियों ने समाचार लेखन,डिज़ाइन और दृश्य कहानी कहने के कौशलों को निखारा। यह कार्यशाला सभी उभरते पत्रकारों के लिए एक समृद्ध और प्रेरणादायी अनुभव साबित हुई।