
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह(से नि)ने थल सेना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए भारतीय सेना के शौर्य,अनुशासन और राष्ट्रनिष्ठा को नमन किया।
उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा,सम्मान और आत्मगौरव की रक्षा में लगे हमारे सैनिकों का योगदान अतुलनीय है। अपने कर्तव्य पथ पर अडिग रहकर जिन्होंने राष्ट्र के लिए सर्वस्व न्यौछावर किया,उन वीरों के प्रति सम्पूर्ण राष्ट्र कृतज्ञता के भाव से नतमस्तक है। सैनिकों और उनके परिवारों का त्याग भारत की शक्ति और संकल्प का आधार है।
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय सेना ने केवल युद्धभूमि में ही नहीं,बल्कि शांति,आपदा और संकट के समय भी मानवता की सेवा कर देशवासियों का विश्वास सुदृढ़ किया है। सेना का साहस,समर्पण और अनुशासन राष्ट्र को सुरक्षित रखने के साथ-साथ समाज को दिशा भी देता है।
उन्होंने उत्तराखण्ड को देश की रक्षा व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि यह देवभूमि वीरता,बलिदान और सेवा की जीवंत परंपराओं की प्रतीक है। यहाँ के नागरिकों का सैन्य सेवाओं में निरंतर योगदान और पीढ़ियों से चली आ रही देशभक्ति की विरासत सम्पूर्ण राष्ट्र के लिए प्रेरणादायी है।

















