
दून विश्वविद्यालय के थिएटर विभाग द्वारा 10 से 12 फरवरी 2025 तक आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला “मास्क मिरर परफॉर्मेंस साइकोलॉजी” धूमधाम से सम्पन्न हुई। यह कार्यक्रम विशेष रूप से 18 से 25 वर्ष के युवा प्रतिभागियों के लिये डिजाइन किया गया था,जिसका उद्देश्य शरीर,भावना,धारणा और पहचान के बीच गहन संबंध को व्यावहारिक रूप से समझना था।
- मास्क मिरर परफॉर्मेंस कार्यशाला ने युवाओं को किया प्रेरित–प्रो.सुरेखा गंगवाल।

कार्यशाला में प्रतिभागियों ने श्वास अभ्यास,संवेदनात्मक जागरूकता,लाबान मूवमेंट विश्लेषण,समूह संपर्क अभ्यास,रंग अभिव्यक्ति तथा स्थिर चित्र आधारित कहानी निर्माण जैसे विविध अभ्यासों में हिस्सा लिया। इन अनुभवात्मक गतिविधियों से उन्होंने मनोवैज्ञानिक प्रक्रियाओं की शारीरिक अभिव्यक्ति को महसूस किया।
इस अवसर पर प्रो.सुरेखा डंगवाल,कुलपति,दून विश्वविद्यालय ने कहा कि यह कार्यशाला युवाओं को आत्म-अभिव्यक्ति और मनोवैज्ञानिक समझ दोनों में आत्मविश्वास देने वाली रही। प्रो.एच.सी.पुरोहित, निदेशक आइ.क्यू.ए.सी ने कहा,“मास्क मिरर परफॉर्मेंस साइकोलॉजी ने शरीर और मन के बीच गहरे अंतर्संबंध को समझने में विद्यार्थियों की योग्यता को सशक्त किया है
कार्यक्रम में अंजेस कुमार,वैशाली नेगी,हिमांशु,समृद्धि बधानी,राशि,दिव्यता,तमन्ना,अनुष्का,वैचली,रिया,आदित्य,वैभवी,आकाशदीप,अमीशी,मार्सी,ज्योति,रिद्धिवे,अनुपमे,आकृति,प्राची नौटियाल,मार्शिता,शगुन,जानवी गुसाईं,ज्योति सिंह,शैलजा समेत दर्जनों छात्रों ने भाग लिया और अपनी सहभागिता से कार्यक्रम को सफल बनाया।
कार्यशाला में डॉ.अजीत पंवार और कैलाश कंडवाल भी मौजूद रहे। उन्होंने छात्रों की सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा की। कार्यक्रम का सफल संचालन एम.ए.थिएटर के पूर्व छात्र उज्ज्वल जैन ने किया।

















