Haldwani Banbhoolpura News:-सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला,बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण के मामले पर हाईकोर्ट के निर्णय पर रोक

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हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। जिसके बाद बनभूलपुरा वासियों ने ली राहत की सांस ली है। यहां पर गुरूवार सुबह से ही महिलाएं और बच्चे अपने हक में फैसले के लिए दुआ कर रहे है। सुप्रीम कोर्ट का स्टे मिलते इन लोगों में खुशी लहर छा गई है।

हल्द्वानी बनभूलपुरा जमीन विवाद पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार और रेलवे को भी नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में मानवीय एंगल हैं,लिहाजा यूं ही लोगों को जमीन खाली करने के लिए नहीं कहा जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम दस्तावेजों को देखेंगे,लोगों ने दावा किया है कि उन्होंने रेलवे की ओर से नीलामी में जमीन को खरीदा है। इस मामले पर अगली सुनाई अब 07 फरवरी 2023 को होगी। इस फैसले के बाद अब 07 फरवरी तक अतिक्रमण नहीं हटाया जाएगा।

भाजपा ने कहा इस सब के लिए कांग्रेस दोषी,उसने समय रहते कोई प्रयास नहीं किया और मामला कोर्ट में जाने दिया

भाजपा ने हल्द्वानी के वनभूलपुरा रेलवे भूमि विवाद के लिए कांग्रेस को पूरी तरह से जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जबाबदेही से बचने के लिए आरोप प्रत्यारोप तथा मुद्दे का राजनीतिकरण करना चाहती है।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि इसमें राज्य सरकार पक्ष नही है और न ही भाजपा की कोई भूमिका है। उन्होंने कहा कि इसमे कांग्रेस इसलिए दोषी है क्योंकि,उसने समय रहते कोई प्रयास नहीं किया और मामला कोर्ट में जाने दिया।

पार्टी और सरकार इस पूरे मामले को राजनैतिक चश्मे से नहीं देखती है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए सभी पक्षों को उच्चतम न्यायालय के फैसले का इंतजार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह विवाद लंबे समय से चल रहा है,लेकिन कांग्रेस समेत पूर्ववर्ती सरकारों ने कभी विवाद के हल का प्रयास नहीं किया। आज इस प्रकरण में राजनैतिक बयानबाजी करने वाले कॉंग्रेस के तमाम नेता किसी न किसी रूप में तत्कालीन सरकारों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। ऐसे में उनके अनुसार यदि, कुछ गलत हो रहा था तो उन लोगों ने कोई बीच का रास्ता नही निकाला जो उसकी मंशा पर सवाल है।