
शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम समाधि संस्थानम् में बह्मलीन जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री माधवाश्रम जी महाराज के विचारों को आगे बढाने के लिए अखिल भारतीय धर्म संघ के उत्तराखंड प्रांत के अध्यक्ष डॉक्टर ओमप्रकाश भट्ट की अध्यक्षता में एक विशाल गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें अनेकों पूज्य संतो उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध विद्वानों ने प्रतिभाग किया बैठक में पूज्य जगतगुरु माधवाश्रम जी के विचारों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए डाँक्टर ओमप्रकाश भट्ट ने कहा कि पूज्य शंकराचार्य माधवाश्रम जी ने आजीवन सनातन धर्म के लिए काम किया उन्होंने गौ,गंगा,गायत्री,रोटी,बेटी,चोटी को लेकर पूरे भारत वर्ष में अलख जगाई।उन्होंने कहा कि उनके बह्मलीन होने के बाद हम हताश और निराश है,बैठक में ज्योतिष पीठ के व्यास से अंलकृत आचार्य शिव प्रसाद ममगाँई वरिष्ठ आचार्य तुलसीराम पैन्यूली, वरिष्ठ शिक्षाविद् वंशीधर पोखरियाल संजय शास्त्री,सहित कई विद्वानों ने अपने विचार रखे।
जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम जी के वरिष्ठ शिष्य महन्त अभयचैतन्य जी ने कहा कि पूज्य जगतगुरु जी के बह्मलीन होने के पश्चात उनके प्रतिनिधि कज लिए कई लोगों के नाम प्रस्तावित थे। परंतु तात्कालिक कुछ परिस्थितिया ऐसी बनी की पूज्य गुरुदेव का प्रतिनिधि नियुक्त नहीं हो पाये उन्होंने कहा की उत्तराखंड के विद्वानों को पूर्ण अधिकार है,कि वो ज्योतिष पीठ के पद पर किसी सुयोग्य दंडी स्वामी को शंकराचार्य के लिए प्रस्तावित कर सकते है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में पूज्य गुरुदेव की परम्परा में हम सब के मध्य पूज्य जगतगुरु देवादित्यानंद जी महाराज एक ऐसे संत है जो तपोनिष्ठ शास्त्रनिष्ठ जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने जगतगुरु देवादित्यानंद जी महाराज को पूज्य जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री माधवाश्रम जी महाराज का प्रतिनिधि नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा जिस पर सम्पूर्ण विद्वत सभा ने ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित किया जगतगुरु देवादित्यानंद जी महाराज ने इस पर अपनी सहमति प्रदान करते हुए कहा कि वह पूरे मनोयोग से पूज्य गुरूदेव के कार्यों को आगे बढायेंगे गुरुदेव का संकल्प था गौ,गंगा,गायत्री,रोटी,बेटी चोटी की रक्षा होगी तो सम्पूर्ण सनातन धर्म सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर उनके इन संकल्पों को आगे बढायेंगे।
इस शुभ अवसर पर ज्योतिष पीठ के व्यास सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य शिव प्रसाद ममगाँई जी ने जगतगुरु देवादित्यानंद जी महाराज को ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य पद के लिए प्रस्ताव रखा विद्वत सभा में उपस्थित सभी विद्वानों ने ध्वनिमत से उनको शंकराचार्य पद पर अंलकृत किया श्री ममगाँई जी ने कहा कि हम सब मिलकर जगतगुरु देवादित्यानंद जी महाराज के नेतृत्व में सनातन धर्म के लिए कार्य करेंगे और शीघ्र ही किसी शुभ मूहूर्त पर जगतगुरु देवादित्यानंद जी महाराज का ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य के रूप में अभिषेक होगा।
डाँक्टर जनार्दन कैरवान जी के संचालन में चल रही इस विद्वत गोष्ठी में केशव स्वरूप ब्रह्मचारी जी दंडी स्वामी श्री विज्ञानानंद तीर्थ जी प्रधानाचार्य डॉक्टर ओम प्रकाश पूर्वाल,सुरेन्द्र दत्त भट्ट,कृष्ण प्रसाद उनियाल,विजय जुगलान,नवीन भट्ट,विनायक भट्ट सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य शिव स्वरूप नौटियाल जी सर्वात्मांद गिरि जी नागेंद्र पुरी जी आचार्य राकेश बहुगुणा,आचार्य राकेश लसियाल,शैलेन्द्र मिश्रा,एल.पी.पुरोहित,आचार्य सुभाष डोभाल,वैदिक ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष आचार्य जगमोहन मिश्रा महामंत्री आचार्य शिव प्रसाद सेमवाल,विनोद गैरोला आचार्य जितेन्द्र भट्ट,रमाबल्लभ भट्ट,घनश्याम नौटियाल,अमित कोठारी,सौरभ सेमवाल,मुकेश थपलियाल,वेदकिशोर सिलसवाल जी डॉक्टर दयाकृष्ण लेखक जी,आचार्य ललित त्रिपाठी जी,गंगाराम व्याास हर्ष मणि पैन्यूली आदि उपस्थित थे।
















