
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि)ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व.लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनका भावपूर्ण स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।
पूर्व संध्या पर में जारी संदेश में राज्यपाल ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य,अहिंसा,सादगी और सेवा का संदेश देता है। उन्होंने अपने आचरण से यह दिखाया कि दृढ़ संकल्प,नैतिक साहस और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए बड़े से बड़ा परिवर्तन संभव है। गांधी जी के विचार आज भी शांति,सद्भाव और मानवता के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं।
राज्यपाल ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का जीवन सादगी,ईमानदारी,कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। ‘जय जवान-जय किसान’ का उनका संदेश आज भी देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के महत्व को रेखांकित करता है।
राज्यपाल ने कहा कि इन दोनों महान विभूतियों का जीवन हमें अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हुए राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखने की प्रेरणा देता है। हम सभी उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाते हुए एक सशक्त,आत्मनिर्भर और समरस भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनका स्मरण किया है। जयंती की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का संपूर्ण जीवन सादगी,ईमानदारी,कर्तव्यनिष्ठा,नैतिकता और राष्ट्रसेवा के प्रति अटूट समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी ने अपने आचरण और कार्यशैली से यह सिद्ध किया कि सादगी और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ भी राष्ट्र के प्रति बड़े दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी ने देश के कठिन दौर में नेतृत्व प्रदान करते हुए राष्ट्र के आत्मविश्वास को मजबूत किया। उनका प्रसिद्ध नारा ‘जय जवान,जय किसान’ देश की सुरक्षा और खाद्य आत्मनिर्भरता के लिए सैनिकों तथा किसानों के योगदान के महत्व को रेखांकित करता है। यह नारा आज भी देशवासियों में राष्ट्रप्रेम,एकजुटता और कर्तव्यबोध की भावना का संचार करता है।

















