
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को विकास खंड परिसर चिन्यालीसौड़ में आयोजित जन-जन की सरकार,जन -जन के द्वार कार्यक्रम में विभागीय स्टालों का निरीक्षण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्या एवं शिकायतें सुनते हुए मौके पर ही अधिकारियों की उपस्थिति में अधिकांश समस्याओं का निस्तारण किया।
- ‘जन जन की सरकार,जन जन के द्वार’अभियान से आम जन को मिली राहत।
- चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टी का सेना के माध्यम से किया जाएगा संचालन-मुख्यमंत्री।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार”कार्यक्रम से आम जन को राहत मिली है तथा प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुगम और पारदर्शी हुई है। इस अभियान के तहत अब तक 600 से अधिक शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में पाँच लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया,जबकि 40 हजार से ज्यादा लोगों को विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय तक न जाना पड़े। इसी उद्देश्य से अभियान चलाकर गांव-गांव में शिविर लगाए जा रहे हैं,जहां मौके पर ही समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से आमजन को राहत मिली है और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक सुलभ एवं पारदर्शी बनी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हैली सेवा के विस्तार के लिए सरकार ने अहम निर्णय लिए है। उन्होंने कहा कि चिन्यालीसौड़ एवं गौचर हवाई पट्टी से हैली सेवा शुरू होगी। दोनों हवाई पट्टी सेना के माध्यम से संचालित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी। सरकार ने यात्रा की तैयारी पहले से ही शुरू कर दी है। ताकि यात्री, श्रद्धालु यहां से अच्छा अनुभव लेकर जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यात्रा शुरू कराने में समन्वयक के रूप में है जबकि असली यात्रा शुरू कराने में स्थानीय हितधारक,तीर्थ पुरोहित,होटल,टैक्सी,मैक्सी स्थानीय लोग है।
मुख्यमंत्री ने कहा की आज पूरी दुनिया में सनातन का उद्घोष हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया का सिरमौर बनेगा प्रधानमंत्री जी ने जो विकसित भारत का संकल्प लिया है उसमें उत्तराखंड भी अपना महत्वपूर्ण रूप से योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने तय किया है कि हमारी बहनों द्वारा उत्पादित उत्पादों की देश ही नही बल्कि दुनिया में पहचान मिल सके जिसके लिए निरंतर काम किया जा रहा है। कहा कि महिलाओं द्वारा जो भी उत्पाद बनाये जा रहे है उसकी देश और दुनिया में मांग बढ़ी है।
इस दिशा में राज्य सरकार ने अब तक दो लाख से अधिक लखपति दीदियों को सशक्त किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों की मांग पर सीएचसी चिन्यालीसौड़ एवं महाविद्यालय का उच्चीकरण को सीएम घोषणा में सम्मिलित करने का आश्वसन दिया।
मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में जन-जन की सरकार, जन जन के द्वार अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया है। जिसमें अब तक 5 लाख से अधिक नागरिकों ने प्रतिभाग किया तथा 40 हजार से अधिक नागरिकों के विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र जारी किए गए। ग्रामीणों की छोटी-छोटी समस्याओं के निस्तारण के लिए संयुक्त टीमें गठित कर समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा रहा है। जिनका निस्तारण नही किया जा सका उन्हें ऑनलाइन कर नियमित रूप से फॉलोअप करते हुए उनका निस्तारण किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन आनन्द वर्द्धन,यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल,दर्जाधारी राज्य मंत्री रामसुंदर नौटियाल,प्रताप पंवार,गीताराम गौड़,गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट,प्रदेश मीडिया प्रभारी भाजपा मनवीर चौहान,प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा डॉ.स्वराज विद्वान,ब्लाक प्रमुख रणबीर सिंह महंत,नगर पालिका अध्यक्ष मनोज कोहली,अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य,पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय,सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
‘जन-जन की सरकार,जन-जन के द्वार’कृमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनसेवा का ऐतिहासिक अभियान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित ‘जन-जन की सरकार,जन-जन के द्वार’कार्यक्रम उत्तराखंड में सुशासन और संवेदनशील प्रशासन का प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है। यह अभियान सरकार को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाने की कार्यशैली का जीवंत उदाहरण है, जिसके माध्यम से प्रदेशभर में रिकॉर्ड स्तर पर नागरिकों को लाभान्वित किया गया है।
आज तक की प्रगति के अनुसार,प्रदेश में कुल 670 कैंपों का आयोजन किया जा चुका है। इन कैंपों में अब तक 5,25,243 नागरिकों ने प्रतिभाग कर अपनी समस्याएं दर्ज कराई हैं तथा विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त किया है। केवल आज ही प्रदेशभर में 9 कैंपों का आयोजन किया गया,जिनमें 5,194 नागरिकों ने भाग लिया।
इस अभियान के अंतर्गत अब तक कुल 50,506 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 33,461 शिकायतों का निस्तारण प्रभावी रूप से किया जा चुका है। यह आंकड़ा प्रशासन की त्वरित कार्यवाही और जवाबदेही को दर्शाता है।
इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों के लिए कुल 72,530 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से अब तक 2,91,580 नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है,बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वाेच्च प्राथमिकता देती है। विशेष रूप से दूरस्थ,पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों में लगाए गए कैंपों ने प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को समाप्त किया है।
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम ने यह सिद्ध किया है कि सुशासन केवल एक विचार नहीं,बल्कि धरातल पर लागू की जाने वाली प्रतिबद्धता है। शिकायतों के त्वरित निस्तारण,प्रमाण पत्रों की उपलब्धता, योजनाओं के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और जनसंवाद की खुली व्यवस्था ने प्रदेशवासियों का विश्वास और अधिक मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और प्रत्येक नागरिक तक शासन की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे और हर पात्र नागरिक को उसका अधिकार समयबद्ध रूप से प्राप्त हो।
उत्तराखंड में सुशासन,पारदर्शिता और जनसेवा की दिशा में यह अभियान एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में स्थापित हो चुका है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास और जनकल्याण के संकल्प को निरंतर नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है।
















