Dehradun:-राज्यपाल गुरमीत सिंह ने वीर माधो सिंह भण्डारी,उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के नवें दीक्षांत समारोह में किया प्रतिभाग

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राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह(से नि)ने बुधवार को वीर माधो सिंह भण्डारी, उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के नवें दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रमों के उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक देकर सम्मानित किया।

दीक्षांत समारोह में तुलाज इंस्टीट्यूट की बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग शाखा की छात्रा गुंजन भटनागर को विश्वविद्यालय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर “श्रीमती विनोद देवी अग्रवाल मेमोरियल गोल्ड मेडल” से सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में नव निर्मित छात्रावास “गंगा” का लोकार्पण भी किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने एआई लिटरेसी,स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग विवरणिका,इवोरा उत्तराखण्ड एनवायरनमेंट गार्डियन ऐप तथा सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम की विवरणिका का विमोचन किया।

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह अवसर केवल उपाधि प्राप्त करने का नहीं,बल्कि जीवन में नई दिशा और जिम्मेदारियों की शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पांच हजार से अधिक छात्र-छात्राएं शिक्षा के एक महत्वपूर्ण चरण को पूर्ण कर राष्ट्र निर्माण की दिशा में अग्रसर हो रहे हैं और अब वे केवल विद्यार्थी नहीं,बल्कि भविष्य के नेतृत्वकर्ता हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वर्तमान युग तकनीक का युग है और युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,मेटावर्स,क्वांटम कंप्यूटिंग,स्पेस और नैनो टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में दक्ष होना आवश्यक है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करें,नवाचार को अपनाएं तथा केवल नौकरी खोजने वाले नहीं,बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बनें,जिससे देश के विकास में सक्रिय योगदान दिया जा सके।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दें,जिनके मार्गदर्शन,त्याग और आशीर्वाद से वे इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि तकनीकी दक्षता के साथ-साथ मानवीय मूल्यों,नैतिकता और संवेदनशीलता का समावेश भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड के युवा अपनी प्रतिभा, नवाचार और समर्पण से प्रदेश एवं देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

दीक्षांत समारोह में कुलपति डॉ.तृप्ता ठाकुर ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों एवं नवाचारों पर विस्तृत प्रकाश डाला। कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत,सचिव डॉ.रंजीत कुमार सिन्हा,देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.एन.के.जोशी,दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.सुरेखा डंगवाल,हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.(डॉ.)भानु दुग्गल,वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड हॉर्टिकल्चर एवं फॉरेस्ट्री विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.परविन्दर कौशल,गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.मनमोहन सिंह चौहान सहित विश्वविद्यालय की विभिन्न समितियों के सदस्य,अधिकारी,शिक्षक,कर्मचारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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