उत्तराखंडः-देश भर में 26 जनवरी से कांग्रेस करेगी ‘हाथ से हाथ जोड़ो अभियान’ की शुरूआत

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कांग्रेस पार्टी द्वारा 26 जनवरी, 2023 से देशभर में चलाये जाने वाले हाथ से हाथ जोड़ो अभियान की पूर्व संध्या पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय देहरादून में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव एवं कांग्रेस स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य मोहन प्रकाश एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार विश्व के सबसे युवा देश के युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं दे पाई। देश के प्रत्येक परिवार को महंगाई की आग में झोंक दिया।

किसानों की आमदनी दोगुनी करने का कोरा झांसा दिया गया। समाज के पिछड़े,दलित,आदिवासी वर्गों को तरक्की का पर्याप्त अवसर नहीं दिया। अवसर बस अपने धन्ना सेठ दोस्तों के लिए सृजित किये गये और इन सब नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए भारत को नफरत,निराशा और नकारात्मकता के दलदल में धकेल दिया।

उन्होंने कहा आज भारत को हर स्तर पर तोड़ा जा रहा है और देश के संसाधनों का रूख मुट्ठीभर लोगों की ओर मोड़ा जा रहा है। इसलिए राहुल गांधी जी कन्याकुमारी से कश्मीर तक भाजपाई सत्ता की नफरत,पिराशा और नकारात्मकता की जड़ता को तोड़ रहे हैं और भारत को जोड़ रहे हैं। भारत जोड़ो यात्रा में लाखों-करोड़ों लोग पैदल चल रहे हैं। कन्याकुमारी से शुरू हुई यह पद यात्रा अब जम्मू पहुंच गई है और 3900 किलोमीटर लम्बी यात्रा का आज 131वां दिन है।
अब कांग्रेस पार्टी इस भारत जोड़ो अभियान को और अधिक व्यापकता प्रदान करने के लिए समूचे देश में 26 जनवरी से 26 मार्च तक एक जन संवाद कार्यक्रम ‘‘हाथ से हाथ जोड़ो अभियान’’ चलाएगी जिसका नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटियां करेंगी।

इस अभियान के तहत भारत के 6 लाख गांवों, 2.50 लाख ग्राम पंचायतों और 10 लाख मतदान बूथों तक पहुंचकर राहुल गांधी जी का संदेश और मोदी सरकार की नाकामियों की चार्जशीट हर घर तक पहुंचाई जाएगी।


कांग्रेस के ‘भारत जोड़ो’ और हाथ से हाथ जोड़ो अभियान’ के मायने
‘‘महंगाई के मकडजाल को तोड़ो-हाथ से हाथ जोड़ो’’ मोदी सरकार जब से सत्ता में आई है,महंगाई से देश के नागरिकों की कमर टूटती जा रही है। 2014 में जो गैस का सिलेंडर 410 रू.का था। आज 1050 रू.के पार है। पेट्रोल के दाम 70रू.प्रति लीटर से बढ़कर 100 रू.प्रति लीटर के पार हो गए हैं,जबकि डीजल के दाम 55 रू.प्रति लीटर से बढ़कर 90 रू.प्रति लीटर के करीब पहुंच गये हैं। खाने के तेल और दाल की कीमत 70 रू0 प्रति किलो थी,वह 200 रू.प्रति किलो को पार कर गई है।
इतना ही नहीं बीते दिनों जीएसटी की बर्बर मार से दही,पनीर,लस्सी,आटा,सूखा सोयाबीन,मटर व मुरमुरे भी बच नहीं सके,उन पर भी 5 फीसदी जीएसटी लगा दिया गया।
होटल के 1000 रू.के कमरे पर 12 प्रतिशत जीएसटी,अस्पताल के आईसीयू बैड पर 5 प्रतिशत जीएसटी,जीने के लिए सभी आवश्यक चीजों पर जीएसटी लगाकर चैन नहीं मिला तो श्मशान घाट के निर्माण पर भी जीएसटी बढ़ा दिया गया है।
अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार घट रही हैं मगर मोदी सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम नहीं कर रही हैं। बीते 8 सालों में पेट्रोलियम प्रोडक्टस् पर कर लगाकर 29 लाख करोड़ रूपए जनता की जेब से निकले गए हैं।
देश को असमानता और कर्ज की आग में झोंका,दिया सिर्फ धन्ना सेठों को मौका
हाल ही में आई ऑक्सफैम की रिपोर्ट में बताया गया है कि देश के 5 प्रतिशत अमीर लोगों के पास देश की 60 प्रतिशत से ज्यादा संपत्ति है और नीचे के 50 प्रतिशत लोगों के पास देश की मात्र 3 प्रतिशत सम्पत्ति। विडंबना यह है कि नीचे के इन 50 प्रतिशत लोगों की जीएसटी में हिस्सेदारी 64 प्रतिशत है और ऊपर के 10 प्रतिशत लोगों की जीएसटी में हिस्सेदारी केवल 3 प्रतिशत है जबकि उनके पास देश की 70-80 प्रतिशत सम्पत्ति है।
ऑक्सफैम’ की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना महामारी की विभीषिका में भी देश के 100 बड़े पूंजीपतियों ने 13 लाख करोड़ रूपए कमाए पर 12 करोड़ मेहनतकश लोगों ने अपना रोजगार खो दिया। मोदी जी के कई मित्रों की आय तो 1000 करोड़ प्रतिदिन बढ़ रही है।
महामारी की विभीषिका में 84 करोड़ लोगों की आमदनी घट गई लेकिन सरकार की मेहरबानी धन्नासेठों पर रही। उनका 10 लाख करोड़ रूपए से अधिक का बैंक कर्ज बट्टे खाते में डाल दिया गया। मोदी सरकार की सरपरस्ती में 5,35,000 करोड़ रूपए के बैंक फ्राॅड हुए और नियोजित रूप से विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चोक्सी, ऋषि अग्रवाल और संदेसरा बंधु जैसे कई लोगों को देश से भगा दिया गया।
आजादी के बाद से मई 2014 तक देश पर कुल कर्ज 55 लाख करोड़ रूपए था जो मोदी सरकार के बीते 8 साल के कार्यकाल में बढ़कर 155 लाख करोड़ रूपए हो गया है।
हाल में आई ‘ग्लोबल हंगर इंडेक्स’ रिपोर्ट ने बताया कि भारत में भुखमरी के हालात ये हैं कि हम पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से पिछड़ गये हैं। 116 देशों की सूची में हमारा देश 101वें पायदान पर लुढक गया है।

‘‘किसानों की घटती आमदनी का रूख मोड़ो-हाथ से हाथ जोड़ो’’
हाल ही में एन.एस.ओ.की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि देश में किसानों की औसत आमदनी मात्र 27 रू.प्रतिदिन रह गई है,जो मनरेगा मजदूरी से भी कम है। वादे आय दोगुनी करने के और असलियत में किसानों की आय दसियों गुना कम कर दी गई।
एन.एस.ओ.की रिपोर्ट में यह भी चैकाने वाला तथ्य सामने आया कि देश के हर किसान पर औसत रू. 74,000 कर्ज है। एक तरफ सरकार किसानों का कर्ज माॅफ करने से इनकार करती है, दूसरी तरफ पार्लियामेंट्री कमेटी ने यह खुलासा किया है कि 2020-21 में मोदी सरकार ने कॉर्पोरेट टैक्स में कमी करके देश को 184000 करोड़ रू. का नुकसान पहुंचाया है।
यह परिस्थितियां इसलिए निर्मित हुई क्योंकि मोदी सरकार ने बीते 8 सालों में डीजल व खाद के दाम बढ़ाकर और कृषि यंत्रों, खाद व कीटनाशक पर जीएसटी लगाकर खेती की लागत 25,000 रू. हैक्टेयर बढ़ा दी।

‘‘आत्महत्या के दंश से नाता तोड़ो-हाथ से हाथ जोड़ो’’
बीते 8 वर्षों में भारत के नागरिकों के मनोबल को तोड़ा गया है, उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया गया है। हाल ही मे आई केन्द्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार 2021 में कुल 164033 लोगों ने आत्महत्याएं की, जिनमें सबसे बड़ा हिस्सा रोज कमाकर आजीविका चलाने वालों का है,जो 42004 है। उनके अलावा 23179 गृहिणियाँ, 13714 बेरोजगार,13089 छात्र और 10881 किसान भी आत्महत्या को मजबूर हुए हैं।

‘‘चीनी घुसपैठ की बांह मरोड़ो-हाथ से हाथ जोड़ो’’
भारत की अक्षुण्णता और भूभागीय अखंडता को भी तोड़ा जा रहा है। चीन लद्दाख से लेकर अरूणाचल प्रदेश तक भारत की सीमा में न सिर्फ 2000 किलोमीटर घुसा है, बल्कि स्थाई सैन्य इन्फ्रसस्ट्रक्चर के साथ-साथ पूरी रिहाइशी कॉलोनी भी बना रहा है और सत्ताधीश आॅंख मूंदकर बैठे हुए हैं। इतना ही नहीं सरहदों के साथ-साथ चीन को व्यापार की हदें भी पार करा दी गई हैं। आजाद भारत के इतिहास में सबसे अधिक 100 बिलियन डॉलर का आयात कर भारत के एम.एस.एम.ई.सेक्टर को तबाह किया जा रहा है।
‘‘साम्प्रदायिक विद्वेष से नाता तोड़ो-हाथ से हाथ जोड़ो’’
मोदी सरकार अपनी नाकामियों पर पर्दा डालकर सत्ता हांसिल करने के लिए देश को जाति,धर्म,भाषा,प्रान्त,पहनावे और खान-पान के आधार पर बांट रही है। हम समूचे देश से आग्रह करते हैं कि अपने गौरवशाली अतीत को स्वर्णिम भविष्य में बदलने के लिए हम सब कदम से कदम मिलाकर भारत को जोड़ने का संकल्प लें और ‘‘हाथ से हाथ जोड़ो अभियान’’ में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
आज बेरोजगारी से जार-जार हर युवा का हाथ काम चाहता है,आज मेहनतकश किसान अपने हाथों में फसलों के सही दाम चाहता है, आज हर गृहिणी का हाथ महंगाई से निजात चाहता है। आज भाजपा की सत्ता की भूख ने देश को साम्प्रदायिक उन्माद की आग में झोंक दिया है। देश में निर्मित इस माहौल मे आज हर धर्म-संप्रदाय एक दूसरे के साथ और हाथ से हाथ चाहता है।
देश की इसी दिशा और दशा को बदलने के लिए हम हाथ बढ़ाएंगे, राहुल गांधी जी का संदेश हर घर तक पहुंचाएंगे। भारत को जोड़ा है, अब हर हाथ से हाथ को जोड़ते जाएंगे।

पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री नवप्रभात,प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना, प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन एवं प्रशासन मथुरादत्त जोशी,प्रदेश महामंत्री संगठन विजय सारस्वत,प्रदेश महामंत्री याकूब सिद्धिकी,भारत जोड़ो यात्रा मीडिया प्रभारी पी.के.अग्रवाल,भारत जोड़ो यात्रा मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी उपस्थित थे।