
पिछले दिनों दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उत्तरायण कौथिक-2026 के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि “उत्तराखंड हमारी मातृभूमि है और दिल्ली हमारा कार्यस्थल। यही एकता हमारी सामूहिक शक्ति है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोग सामाजिक सेवा,व्यापार,कला और संस्कृति के माध्यम से दिल्ली के विकास में लगातार महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।“

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का यह कहा निश्चित तौर पहाड़ के लोगों का सम्मान है। शायद इसकी एक वजह यह भी हैं कि राजधानी दिल्ली की करीब 20 विधानसभा क्षेत्रों में उत्तराखंडी मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है। दिल्ली की राजनीति में उत्तराखंड के प्रवासियों (पहाड़ी समाज) की भूमिका बेहद निर्णायक है। लगभग 30 लाख की आबादी वाले इस वर्ग का वोट दिल्ली की कई विधानसभा और लोकसभा सीटों पर हार-जीत तय करता है। यही कारण हैं कि राजनीतिक दलों के नेता अब मानने लगे हैं कि दिल्ली में रह रहे पहाड़ के लोगों की उपेक्षा राजनीतिक दलों के लिए अब आसान नहीं है।

यही वजह भी हैं कि अब दिल्ली के राजनैतिक पटल पर उत्तराखंड मूल के कई नाम पहाड़ का प्रतिनिधित्व कर रहे है। जिनमें मोहन बिष्ट,वीर सिंह पंवार और रविंद्र सिंह रवि नेगी जैसे चेहरे तो शामिल है ही,इनसे पहले भी कई चेहरों ने दिल्ली में ताममा राजनैतिक पार्टियों में अपनी पैठ दिखाती है। इनसे पहले दिल्ली विधानसभा में अब तक सिर्फ दो उत्तराखंडी पहुंच सके हैं,जो बीजेपी के टिकट पर जीते थे। मंडावली से 1993 में पहली बार मुरारी सिंह पंवार विधानसभा पहुंचे थे,जिन्हें 1998 में हार का मुंह देखना पड़ा। पंवार 2008 में लक्ष्मी नगर से लड़े और हार गए। करावल नगर से मोहन सिंह बिष्ट 1998 से पांचवीं बार विधायक हैं,जिन्हें सिर्फ 2015 में हार का सामना करना पड़ा था।
आज के परिवेश में उत्तराखंड को दिल्ली के राजनैतिक पटल पर नई सोच नई उम्मीद के साथ कई नये चेहरे मिल रहे है। जिनमें प्रमुख नाम हैं,उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद के कोट ब्लॉक स्थित ग्राम कांडा के मूल निवासी,समाजसेवी,शिक्षाविद एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ.विनोद बछेती का,जिन्हें भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली प्रदेश का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त कर बड़ी जिम्मेदारी देकर दिल्ली में पहाड़ का तिलक ही नहीं किया है,बल्कि उत्तराखंड का सम्मान भी किया है।
आम जन की आवाज-डॉ.विनोद बछेती

‘वह आम जन की आवाज है’ अक्सर एक ऐसे विचार या दृष्टिकोण को दर्शाते है,जो समाज के आम लोगों,पहाड़ के लोगों,छोटे-बड़े का सम्मान तो करते ही है साथ ही मध्यम वर्ग की जरूरतों,संघर्षों और आशाओं का प्रतिनिधित्व भी करते है। इस लिए भी भारतीय जनता पार्टी उन पर समय-समय पर भरोसा जताई आई है।
डॉ,विनोद बछेती की पहचान एक ऐसे नि:स्वार्थ सामाजिक कार्यकर्ता और जन नेता की है जो अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की आवाज़ बन हमेशा गरीब और शक्तिहीन लोगों के साथ खड़े होकर उनके हित की बात करते है। श्री बछेती बाल्यकाल से संघ से जुड़े हैं और पिछले 30 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े है। उन्होंने 1994 में पार्टी की सदस्यता ली थी। उनकी मेहनत और पार्टी की प्रति कर्तव्य निष्ठाता को देखते हुए उन्हें 1997 में समिति अध्यक्ष न्यू अशोक नगर-त्रिलोकपुरी मंडल की जिम्मेदारी दी गई। इसी के साथ उन्हें 2002 में उत्तराखंड प्रकोष्ठ का मंडल अध्यक्ष बनाया गया। पूर्वी दिल्ली नगर-निगम में शिक्षा समिति के सदस्य के तौर पर रहते हुए उन्होंने पूर्वी दिल्ली के नगर निगम के स्कूलों में कई महत्वपूर्ण कार्य किए। डॉ.विनोद बछेती की पार्टी के प्रति सेवा भावनाओं को देखते हुए भाजपा ने उन्हें लोकसभा चुनाव-2019 के चुनाव में संचलान समिति का सदस्य भी बनाया। वे पूर्व में मयूर विहार क्षेत्र के जिला अध्यक्ष,दिल्ली प्रदेश भाजपा में मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी अपनी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। जिसके बाद अब उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
पहाड़ की सशक्त आवाज-डॉ.विनोद बछेती

राजधानी दिल्ली में डॉ.विनोद बछेती को पहाड़ की सशक्त आवाज़ माना जाता है। उनकी भूमिका राजनैतिक पटल पर ही नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक पटल पर भी हमेशा प्रथम पंक्ति में खड़े होकर हाथ से हाथ पकड़ आगे बढ़ने की होती है। उनकी कुछ उपलब्धियों की बात करें तो श्री बछेती के अथक प्रयासों से दिल्ली में उत्तराखंड के लोक पर्व उत्तरैणी-मकरैणी के लिए पहाड़ वासियों को एक मंच पर लाकर दिल्ली में सौ से ज्यादा स्थानों पर उत्तरैणी-मकरैणी पर्व का आयोजन किया जाने लगा है। उत्तराखंड सामज के हर दुःख-सुख में भागीदारी निभाने वाले डॉ.विनोद बछेती पिछले कई वर्षों से दिल्ली में रह रहे उत्तराखंडी प्रावासियों के उत्थान के लिए हर जगह,हर समय उपलब्ध है। पहाड़ के लोगो के दुःख-सुख में उनकी भागीरथी भागीदारी आज किसी से छुपी नहीं है। वह पहाड़ की सशक्त आवाज बन दिल्ली में रह रहे उत्तराखंडियों के लिए निरंतर आवाज उठा रहे है।
नजफगढ़ में उत्तराखंड की बेटी किरन नेगी की को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन के साथ-साथ दिल्ली में उत्तराखंडी प्रवासियों पर होने वाले उत्पीड़न के खिलाफ खड़े होकर आवाज उठाना एवं उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में निरंतर संघर्षरत रहने में उनकी भूमिका अग्रणीय है।
सांस्कृति पटल पर भी डॉ.बछेती निरंतर सेवाओं की नई परिभाषा लिख रहे है। सुप्रसिद्ध लोक गायक,गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी के जन्मदिन पर प्रेरणा दिवस की शुरूआत,लोक के चितेरे जनकवि स्व.हीरा सिंह राणा सहित उत्तराखंड के लोक कलाकारों का सम्मान,उत्तराखंड लोकभाषा साहित्य मंच के माध्यम से उत्तराखंड की भाषा-बोली के “शिक्षकों का सम्मान समारोह”,सन् 2019 में उत्तराखंड की सामाजिक पृष्ठभूमि से जुड़ी महिलाओं के लिए दीदी कमला रावत सम्मान की शुरूआत प्रमुख है।

सशक्त राष्ट्र,सशक्त उत्तराखंड के परिकल्पना के साथ उन्होंने जब दिल्ली के रामलीला मैदान में 20 नवंबर 2016 को एकजुट-एकमुट अभियान के जरिए पूरे भारत में निवासित उत्तराखंडियों को एक मंच पर लाने का सफल प्रयास किया तो तमाम राजनैतिक पार्टियों को उत्तराखंड के जन-मानस की वास्तविक शक्ति का एहसास हुआ।
दिल्ली में उत्तराखंडी भाषा गढ़वाली-कुंमाउनी-जौनसारी के उत्थान की बात हो तो श्री बछेती दिल्ली में पिछले कई वर्षों से गढ़वाली-कुंमाउनी-जौनसारी कक्षाओं का आयोजन कर रहे है,जिसके माध्यम से दिल्ली में रह रहे हजारों बच्चे अपनी भाषा-बोली को सीख कर बोलने भी लगे है। दिल्ली सरकार की गढ़वाली-कुंमाउनी-जौनसारी अकादमी के गठन के लिए उनका प्रयास महत्वपूर्ण रहा। जिसके फलस्वरूप दिल्ली सरकार ने दिल्ली में गढ़वाली-कुंमाउनी-जौनसारी अकादमी का गठन किया।
पौड़ी गढ़वाल की सितोनस्यू पट्टी के कांडा गांव में जन्में विनोद बछेती की दिल्ली-एनसीआर में उत्तराखंड समाज के साथ-साथ तमाम दूसरे समाज के लोगों की बीच में सामाजिक,सांस्कृतिक एवं राजनैतिक पटल पर सौहार्दपूर्ण पहचान है। यही वजह भी रही है कि देश की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें अपने राजनैतिक कुनबे में शामिल कर कई जिम्मेदारियां प्रदान की है और अब उन्हें दिल्ली प्रदेश का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्त असल में अब श्री बछेती के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगी।
डॉ.विनोद बछेती एक जुझारू,संघर्षरत और एक अजीब सी छटपटाहट के साथ,उस हर जरूरतमंद व्यक्ति के साथ खड़ा शख्स है,जिनकी हर सांस उत्तराखंड के लोगों के लिए समर्पित है,लेकिन भारतीय जनता पार्टी अब उनका दिल्ली के राजनैतिक पटल पर एक युवा चेहरे के तौर पर राज-तिलक करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है,और डॉ.बछेती के लिए सबसे बड़ी परीक्षा की घड़ी और चुनौती भी होगी। अब यह देखने वाली बात होगी की श्री बछेती दिल्ली में उत्तराखंड और तमाम दूसरे वर्गों के लोगों को एकजुट एकमुट रखते हुए आगे बढ़ते है।
शीर्ष नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं-डॉ.विनोद बछेती

डॉ.विनोद बछेती ने उन्हें दिल्ली प्रदेश का प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपने के लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व,दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा,दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा के कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुझे इस पद की जिम्मेदारी सौंपने और विश्वास जताने के लिए मैं भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मैं पार्टी को भरोसा दिलाना चाहूंगा कि मैं अपनी नई जिम्मेदारी पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाते हुए दिल्ली के हर नागरिक के कल्याण के लिए काम करने का संकल्प लेता हूं।

















