कुमाउनी,गढ़वाली,हिन्दी कवि एवं साहित्यकार रमेश हितैषी मूल रूप से गांव झिमार सल्ट अल्मोड़ा,उत्तराखंड के निवासी है। लेखन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे...
अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर उत्तराखंड की भाषाओं की पक्षधरता में धाद ने सार्वजनिक आयोजन के साथ भाषा संवाद के कार्यक्रम भाषा बच्यायो यानी भाषा बोलो संचालित...