
मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में वाइब्रेंट विलेज प्रोजेक्ट की एसएलएससी (स्टेट लेवल स्क्रीनिंग कमेटी) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत चयनित सीमांत गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए लगभग 402 करोड़ के नए प्रस्तावों का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया।
इन प्रस्तावों के तहत गांवों में पर्यटन हाउसिंग,ग्राम अवसंरचना,सड़क संपर्क,सामाजिक विकास,अस्पताल,खेल मैदान,स्मार्ट कक्षाएं,स्मॉल जिम सेंटर,सोलर स्ट्रीट लाइट तथा कृषि उत्थान से जुड़े विभिन्न कार्य किए जाएंगे। इन विकास कार्यों से सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे तथा गांवों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत होगी।
पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ आदर्श गांव बनाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत किए जा रहे सभी कार्य पूर्ण पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता के साथ संपन्न किए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता इतनी उत्कृष्ट हो कि ये गांव अन्य क्षेत्रों के लिए प्रेरणादायक आदर्श गांव बन सकें।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि योजनाओं से प्राप्त होने वाले आउटकम,लोगों की आजीविका में संभावित बदलाव तथा दीर्घकालिक लाभ का स्पष्ट विवरण भी साझा किया जाए,ताकि योजना के प्रभाव का समुचित मूल्यांकन किया जा सके।
बैठक में सचिव सी.रविशंकर,अपर सचिव अनुराधा पाल,आलोक कुमार पांडेय,नवनीत पांडेय,वन विभाग से रंजन मिश्र सहित आईटीबीपी,पुलिस तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

















