
उत्तराखंड में चल रही डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के पदाधिकारियों ने भेंट कर अपनी विभिन्न मांगों के संबंध में विस्तृत चर्चा की। महासंघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी 27 सूत्रीय मांगें रखीं, जिनमें पदोन्नति,वेतनमान और पुरानी पेंशन व्यवस्था से जुड़े विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे। मुख्यमंत्री से वार्ता के पश्चात् उत्तराखण्ड डिप्लोमा इन्जीनियर्स महासंघ द्वारा अपनी 23 मार्च, 2026 से चली आ रही अनिश्चितकालीन हड़ताल को राज्यहित में स्थगित किये जाने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार संवाद और समन्वय के माध्यम से सभी समस्याओं का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों को सुचारू बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और राज्य के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए,इसके लिए सभी पक्षों को सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
उत्तराखण्ड डिप्लोमा इन्जीनियर्स महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष इं.आर.सी.शर्मा ने बताया कि 27 सूत्रीय समस्याओं के निराकरण हेतु महासंघ के समस्त सदस्य दिनांक 23 मार्च,2026 से अनिश्चितकालीन हडताल पर थे। उन्होंने बताया इस सम्बन्ध में आज शुक्रवार को महासंघ के पदाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये सकारात्मक आश्वासन के पश्चात,उत्तराखण्ड डिप्लोमा इन्जीनियर्स महासंघ ने आज दिनांक 10 अप्रैल,2026 को अपनी आनिश्चितकालीन हड़ताल को राज्यहित में स्थगित करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की वार्ता,समाधान की दिशा में पहल
- जनहित को प्राथमिकता, संवाद से समाधान की ओर बढ़ी सरकार और इंजीनियर्स।
उत्तराखंड में चल रही डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल के बीच आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के पदाधिकारियों ने भेंट कर अपनी विभिन्न मांगों के संबंध में विस्तृत चर्चा की।
महासंघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी 27 सूत्रीय मांगें रखीं,जिनमें पदोन्नति,वेतनमान और पुरानी पेंशन व्यवस्था से जुड़े विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखती है और उनकी सभी मांगों का समुचित परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांगों के समाधान के लिए एक सब-कमेटी का गठन किया जाएगा,जो संबंधित बिंदुओं का गहन अध्ययन कर शीघ्र अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार संवाद और समन्वय के माध्यम से सभी समस्याओं का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों को सुचारू बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और राज्य के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए,इसके लिए सभी पक्षों को सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने इंजीनियर्स महासंघ से अपील की कि वे जनहित को ध्यान में रखते हुए सहयोगात्मक रुख अपनाएं और वार्ता प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें,ताकि शीघ्र समाधान निकल सके। उन्होंने कहा कि “राज्य सरकार डिप्लोमा इंजीनियर्स की मांगों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उनकी समस्याओं के समाधान हेतु सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा। संवाद और समन्वय के माध्यम से हम सभी मुद्दों का शीघ्र समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
बैठक में सचिव शैलेश बगौली,दिलीप जावलकर,पंकज कुमार पांडे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

















