उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत को यूपी के पांच लोकसभा क्षेत्रों में जनसंपर्क की कमान,3 जून को आजमगढ़ सीट से करेंगे जनसंपर्क अभियान की शुरुआत

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भाजपा आलाकमान ने आगामी लोकसभा चुनाव की दृष्टि से हर लोकसभा क्षेत्र में एक से 30 जून तक चलने वाले देशव्यापी महाजनसंपर्क अभियान के तहत पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को देश के सबसे अधिक लोकसभा सीटों वाले राज्य उत्तर प्रदेश की पांच लोकसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंपी है। त्रिवेंद्र 2 जून को देहरादून से रवाना होकर आजमगढ़ लोकसभा सीट से महाजनसंपर्क अभियान का आगाज करेंगे।

देश में अगले साल 2024 में लोकसभा चुनाव हैं। इसके लिए करीब एक साल से भी कम का समय रह गया है। इसको देखते हुए ही भाजपा ने लोकसभा चुनाव की दृष्टि से देश की सभी लोकसभा सीटों पर महाजनसंपर्क अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। एक माह तक चलने वाले इस अभियान के लिए पार्टी ने अपने प्रमुख नेताओं और वरिष्ठ नेताओं की जिम्मेदारी तय की है।

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को उत्तर प्रदेश की पांच लोकसभा सीटों आजमगढ़,बलिया,बांसगांव,सलेमपुर और देवरिया में जनसंपर्क अभियान की जिम्मेदारी सौंपी है। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि वह 2 जून को हवाई मार्ग से दोपहर में बनारस पहुंचेंगे। वहां से कार से सबसे पहले आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र से जनसंपर्क अभियान की शुरुआत करेंगे। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 9 साल में देश और लोकसभा क्षेत्रों के विकास के लिए किए गए कार्यों को जनता के सामने रखेंगे। साथ ही क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को साथ लेकर इस अभियान के लिए एक रणनीति के तहत कार्य करेंगे।

उन्होंने बताया कि अभियान के तहत घर-घर जाकर भी संपर्क किया जाएगा। क्षेत्र के प्रबुद्ध और बौद्धिक वर्ग,व्यापारी,किसान,युवा,महिलाओं के साथ ही सभी वर्गों से संपर्क कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 9 साल में हुए ऐतिहासिक कार्यों के बारे में जागरुक करेंगे। साथ ही भाजपा लोकसभा क्षेत्र के हर प्रतिष्ठित व्यक्ति तक भी जनसंपर्क अभियान के तहत संपर्क करेगी। पार्टी आलाकमान ने इसके लिए हर लोकसभा क्षेत्र में ऐसे 1000 प्रतिष्ठित व्यक्तियों की सूची भी तैयार की है।

श्री त्रिवेंद्र ने बताया कि वर्तमान में इन पांचों लोकसभा सीटों पर भाजपा के सांसद हैं। आजमगढ़ सीट 2019 के चुनाव में सपा के अखिलेश यादव ने जीती थी,लेकिन उपचुनाव में भाजपा ने फिर से सपा यह सीट छीन ली थी। इन पांचों लोकसभा सीटों पर भाजपा के सांसद हैं। यहां संगठनात्मक तौर पर भाजपा मजबूत स्थिति में है। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए फिर से पार्टी कार्यकर्ताओं को और ताकत देने के लिए और अधिक कार्य करने की जरूरत है। ताकि भाजपा अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में और अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल कर सके। गौरतलब है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में त्रिवेंद्र सिंह रावत को सहप्रभारी की जिम्मेदारी दी गई थी।