उत्तराखंड स्‍वास्‍थ्‍य सचिव बोले,कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास कर रही है सरकार

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उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के बाद प्रदेश सरकार द्वारा इसकी रोकथाम हेतु लगातार प्रयास लिए जा रहे हैं। प्रदेश के सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में सांझा प्रेस कॉफ्रेंस करते हुए जानकारी दी कि 1 अप्रैल 2021 को प्रदेश में 836 आईसीयू बेड थे जिनकी संख्या वर्तमान में 1336 हो गयी है। एक माह में ही करीब 500 आईसीयू बैड बढ़ाए गए हैं। इसी तरह 1 अप्रैल 2021 को प्रदेश में वेंटिलेटर की संख्या 695 थी जो कि वर्तमान में 842 पहुँच चुकी है। ऑक्सीजन बेड की संख्या भी एक माह में 3535 से 6002 पर पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि 1 माह के अंतराल में प्रदेश में ऑक्सीजन की खपत 8 मेट्रिक टन से बढ़कर 15-20 मिट्रिक टन तक बढ़ गई है। सचिव अमित नेगी ने बताया कि जैसे-जैसे ऑक्सीजन बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी ऑक्सीजन की खपत भी बढ़ेगी। हमारे पास इसकी पर्याप्त क्षमता है।

स्‍वास्‍थ्‍य सचिव ने बताया कि 1 अप्रैल 2020 को सिर्फ श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के पास अपना ऑक्सीजन प्लांट था, जबकि वर्तमान में जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग, जिला अस्पताल रुद्रपुर, हेमवती नंदन बहुगुणा अस्पताल हरिद्वार, बेस हॉस्पिटल हल्द्वानी में भी ऑक्सीजन प्लांट संचालित हो रहा है। इन सभी प्लांट से 2330 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन की क्षमता सृजित कर ली है।  जल्द ही मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल चमोली, एसडीएच नरेंद्र नगर, जिला अस्पताल अल्मोड़ा, जिला अस्पताल चंपावत, जिला अस्पताल उत्तरकाशी, जिला अस्पताल पिथौरागढ़ में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएंगें।  उन्होंने बताया कि प्रदेश में 13200 रेमेडीसिविर इंजेक्शन लाए जा चुके हैं, जिसमें 2 बार स्टेट प्लेन के माध्यम से अहमदाबाद से इंजेक्शन मंगवाए गए हैं।

आईजी अमित सिन्हा ने प्रेंस कांफ्रेंस करते हुए कहा कि प्रदेश में कालाबाजारी को रोकने के लिए 112 टोल फ्री नंबर पर भी शिकायत की व्यवस्था की गई है । बीते 2 दिन में 147 शिकायतें पुलिस टीम को प्राप्त हुई है, जिसके बाद पुलिस टीम द्वारा पल्स ऑक्सीमीटर की ओवर रेटिंग के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया कि पुलिस मास्क ना पहन ने वालों के चालान की कारवाई कर रही है, हालांकि लोगों में काफी जागरूकता आई है। वहीं होम आइसोलेशन एवं कांटेक्ट ट्रेसिंग संबंधित जानकारी देते हुए डीआईजी एसडीआरएफ रिधिम अग्रवाल ने बताया कि एसडीआरएफ द्वारा होम आइसोलेशन में रहने वाले सभी लोगों को फोन कॉल्स किए जा रहे हैं बीते 6 दिन में लगभग 26 हज़ार लोग होम आइसोलेशन में रह रहे थे। एसडीआरएफ की टीम रोजाना लगभग पाँच हजार फोन कॉल करती है उन्होंने बताया कि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत सामने आती है तो उनकी संबंधित डॉक्टरों से बात भी कराई जा रही है।