
देहरादून में सोमवार देर रात सहस्त्रधारा में बादल फटने से भारी तबाही मची है। जिसमें कुछ मजदूरों के बहने की सूचना है। बादल फटने से बाढ़ ने कई दुकानों और घरों को बहा दिए है। कई लोग लापता हो गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को अतिवृष्टि से प्रभावित देहरादून जनपद के मालदेवता क्षेत्र एवं केसरवाला का स्थलीय निरीक्षण कर वहाँ की स्थिति का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की गति तेज करने के निर्देश अधिकारियों को दिए तथा स्थानीय नागरिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों,पुलों एवं सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा है,जिससे आमजन के जीवन पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने निर्देश दिए कि अवरुद्ध मार्गों को शीघ्र चालू किया जाए,सुरक्षित पेयजल व बिजली की आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन व प्रशासन की टीम निरंतर फील्ड में सक्रिय है और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ राहत,बचाव व पुनर्वास कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए आपदा से निपटने हेतु विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
मुख्यमंत्री राज्य आपदा परिचालन केंद्र और विभिन्न जिलों की परिस्थितियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं एवं सभी जिलाधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक की समस्याओं को तात्कालिक प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’,गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय,आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप,अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इंस्टिट्यूट में फंसे 200 बच्चों को निकाला
देहरादून में पौंधा स्थित देवभूमि इंस्टिट्यूट परिसर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई,जिसमें लगभग 200 छात्र-छात्राएं फंसे होने की सूचना (SDRF)को प्राप्त हुई। उक्त सूचना पर (SDRF) वाहिनी मुख्यालय,देहरादून से एक रेस्क्यू टीम तत्काल घटनास्थल हेतु रवाना की गई। टीम द्वारा मौके पर पहुँचकर त्वरित रेस्क्यू अभियान संचालित किया गया। जलभराव के बीच टीम ने अत्यंत सूझबूझ एवं तत्परता से कार्य करते हुए सभी 200 छात्र-छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। एसडीआरएफ(SDRF)उत्तराखंड द्वारा यह रेस्क्यू अभियान सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया।

















