कोरोना लॉकडाउन में प्रकृति ने दिखाई रंगत,बाघों के साथ गजराजों के झुंड बने आकर्षण का केंद्र

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स्वरूप पुरी

एक और भले ही कोरोना का संकट मानवीव आबादी पर कहर बरपा रहा हो, मगर वहीं दूसरी ओर प्रकृति की बात करें तो उसे भी एक बार फिर लॉकडाउन के कारण नया पुनर्जीवन मिला है। इन दिनों चारों ओर प्रदूषण ना होने से जहां सांस लेना आसान हुआ है तो वहीं दूसरी ओर मानवीय गतिविधियों पर लगाम लग जाने से जंगल भी फल-फूल रहे। राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में जाएं तो आजकल प्राकृतिक छटा निखरी-निखरी सी नजर आ रही है,वहीं दूसरी ओर मैदानों में भी वन्यजीवों की अठखेलियां देखने को मिल रही है।

राजाजी टाइगर रिजर्व की सीमा से सटे हरिद्वार वन प्रभाग के जंगल, इन दिनों जमकर फल-फूल रहे है। यहां के कई रेंजो में इन दिनों वन्यजीवों ने गंगा तट क्षेत्रों में डेरा जमा लिया है। विश्व प्रसिद्ध झिलमिल झील कंजर्वेशन रिजर्व में जगह-जगह वन्य जीवों का दीदार रोमांच पैदा कर रहा है। बारहसिंघों के लिए विख्यात झिलमिल झील कंजर्वेशन रिजर्व में इन दिनों बाघ ने अपनी दस्तक दे दी है। पिछले कई दिनों से जंगल से सटे आबादी मार्गों में इंसानों व वाहनों की हलचल ना होने के चलते बाघ आसानी से क्षेत्र में चहल-कदमी कर रहे है। बाघ की दस्तक के बाद वन महकमा भी अलर्ट मोड़ में आ गया है। उम्मीद है कि शिकार की प्रचुरता व बेहतर हैबिटैट होने के चलते आने वाले वक्त में यहां बाघों का कुनबा भी नजर आ सकता है।

गजराज बने आकर्षण, संख्या में हुआ इजाफा

बाघ के साथ ही जंगली हाथियों के कई झुंड इन दिनों यहां नजर आ रहे हैं। वैसे यह जंगल बारहसिंघा के साथ ही हाथियों के लिए भी विख्यात था। मगर इन दिनों इनकी संख्या में भी इजाफा देखा जा रहा है। सबसे अहम दसोवाला सेक्टर में 40 हाथियों का झुंड इन दिनों चर्चा में बना हुआ है। एक छोटे से स्थान में हाथियों की इतनी बड़ी संख्या के बाद, वन महकमा भी उत्साहित है । इसके साथ वन प्रभाग की सभी रेंजो में स्थित कोरिडोर्स भी जीवंत नजर आ रहे है। वन महकमे की कई टीमें लगातार सघन पेट्रोलिंग में लगी हुई है उम्मीद है कि आने वाले वक्त में इस संख्या में और इजाफा होगा।

डीएफओ हरिद्वार नीरज शर्मा इस बारे में बताते हैं कि लॉकडाउन के चलते मानवीय गतिविधियों पर रोक लगी है। दूसरी ओर भारी बारिश के कारण जंगलों में इस वक्त चारे की कमी नहीं है। जिसके चलते हाथियों के कई झुंड गंगा तटीय क्षेत्रों में विचरण कर रहे हैं। वहीं बाघों की दस्तक के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया है। यह निश्चित तौर पर सुखद हैं कि कोरोनाकाल में राजाजी टाइगर रिजर्व की सीमा से सटे हरिद्वार वन प्रभाग के जंगल में इतनी बड़ी संख्या में हाथियों के झुंड और बाघ नज़र आ रहे है।