Uttarakhand:-मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने मातृशक्ति से किया सीधा संवाद,महिला सशक्तिकरण को बताया विकास का आधार

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार देहरादून के भाऊवाला में तीज उत्सव के अवसर पर आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया तथा बड़ी संख्या में उपस्थित मातृशक्ति से आत्मीय संवाद स्थापित करते हुए उनके विचार,सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं।

  • तीज उत्सव पर महिलाओं को सम्मान,मुख्यमंत्री बोले-उत्तराखंड की असली शक्ति हमारी मातृशक्ति
  • उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का मुख्यमंत्री ने किया अभिनंदन,आत्मनिर्भर उत्तराखंड का लिया संकल्प।
  • महिला संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सुनी महिलाओं की अपेक्षाएं और सुझाव।
  • सशक्त नारी-समृद्ध उत्तराखंड’ के विजन को साकार करने के लिए सरकार प्रतिबद्धः-मुख्यमंत्री।
  • महिलाओं को निर्णय लेने वाली शक्ति और नेतृत्वकर्ता बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासः-मुख्यमंत्री।
  • स्वयं सहायता समूहों,स्वरोजगार और कौशल विकास से बदल रही उत्तराखंड की महिलाओं की तस्वीर।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं से खुलकर संवाद करने का आग्रह करते हुए कहा कि सरकार की नीतियां तभी अधिक प्रभावी बनती हैं जब उनमें जनता की आवाज और अनुभव शामिल होते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड की मातृशक्ति आने वाले समय में भी राज्य के विकास और समृद्धि की सबसे बड़ी शक्ति बनेगी तथा ‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तराखंड’ का संकल्प साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं को तीज पर्व और स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए उनके स्नेह,विश्वास और आशीर्वाद के प्रति आभार व्यक्त किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की वास्तविक शक्ति उसकी मातृशक्ति है,जिसने कठिन परिस्थितियों में परिवार,समाज और राज्य को नई दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के संघर्ष से लेकर आज के विकास यात्रा तक महिलाओं की भूमिका सदैव प्रेरणादायी रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश की महिलाएं केवल घरेलू दायित्वों तक सीमित नहीं हैं,बल्कि स्वयं सहायता समूहों,स्वरोजगार,स्थानीय उत्पादों,कृषि,बागवानी,होमस्टे,उद्यमिता और तकनीक आधारित गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ देना नहीं,बल्कि उन्हें अवसर,सम्मान,नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करना है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई गति मिली है। उज्ज्वला योजना,मातृ वंदना योजना,बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ,सुकन्या समृद्धि योजना,मुद्रा योजना,स्टैंड-अप इंडिया,स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता,लखपति दीदी योजना,मिशन शक्ति,वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन जैसी अनेक पहलों ने महिलाओं के जीवन में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन लाया है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का मूल उद्देश्य महिलाओं को विकास की सहभागी और देश की आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करना है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी महिलाओं की शिक्षा,स्वरोजगार, कौशल विकास,आजीविका,स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत तथा सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया गया है। एकल महिला स्वरोजगार योजना,मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना,मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और लखपति दीदी योजना के माध्यम से हजारों महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 2.65 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और लाखों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसे मंच विकसित किए जा रहे हैं,जबकि ‘ड्रोन दीदी’,‘सोलर सखी’ और ‘महिला सारथी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से उन्हें आधुनिक तकनीक और नए आर्थिक अवसरों से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति के स्वास्थ्य और सम्मान को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। ईजा-बोई शगुन,महालक्ष्मी किट,पोषण योजनाएं,आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकत्रियों के मानदेय में वृद्धि,नंदा गौरा योजना,वृद्धावस्था पेंशन,विधवा पेंशन तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए निःशुल्क धार्मिक यात्रा जैसी पहलें इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर,सम्मानित और सशक्त नागरिक के रूप में स्थापित करना है।


इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर सहित अनेक जनप्रतिनिधि,महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं,विभिन्न क्षेत्रों की उत्कृष्ट महिलाएं,सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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