श्री पंचायती उदासीन बड़ा अखाड़ा की दिव्य-भव्य पेशवाई में बिखरा आस्था और सौहार्द का रंग

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श्री पंचायती उदासीन बड़ा अखाड़ा की पेशवाई भव्य व दिव्य रूप से निकली। उत्तरी हरिद्वार से शुरू हुई पेशवाई में आस्था, सौहार्द और उत्तराखंड की संस्कृति के रंग देखने को मिले। पेशवाई देखने के लिए जगह-जगह लोगों का हुजूम उमड़ा। इसी के साथ ही जगह-जगह साधु-संतों का स्वागत और जलपान कराया गया।

श्री पंचायती उदासीन बड़ा अखाड़ा की भव्य व दिव्य पेशवाई का रविवार को मेलाधिकारी दीपक रावत, पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने तुलसी चैक पर स्वागत किया। उन्होंने साधु-संतों को फूल माला पहनाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। श्री पंचायती उदासीन बड़ा अखाड़ा की पेशवाई का सुबह 10 बजे भूपतवाला दूधाधारी पर योगगुरू बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, अखाड़े के कोठारी महंत दामोदर दास, सचिव अग्रदास महाराज और सहायक सचिव व्यास मुनि सहित अन्य साधु-संतों ने शुभारंभ किया। यहां से पेशवाई सूखी नदी, खड़खड़ी, भीमगोड़ा, हर की पैड़ी, अपर रोड, रेलवे रोड, शिव मूर्ति होते हुए तुलसी चैक पहुंची।

पेशवाई के तुलसी चैक पहुंचने पर मेलाधिकारी दीपक रावत, पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल, एसएसपी हरिद्वार सैंथिल अबुदई कृष्ण राज एस, अपर मेलाधिकारी डॉ0 ललित नारायण मिश्र, हरबीर सिंह, रामजी शरण शर्मा, उप मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने महंत महेश्वरदास जी, महंत दुर्गादास जी, महंत दामोदर दास जी, महंत प्रेमदास जी, महंत कैवल्यानंद जी, महंत रघुमुनि जी, महंत अद्वैतानंद जी, कोठारी जयेन्द्र मुनि जी, महंत निर्मलदास जी, कोठारी निरंजन दास जी, कोठारी दर्शनदास जी, महंत दुर्वेशदास जी, महंत मुरलीदास जी, स्वामी शरणानंद महाराज जी, स्वामी ज्ञानानंद महाराज जी, महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद महाराज जी, महंत केशवानंद महाराज जी आदि साधु-संतों का फूल माला पहनाकर स्वागत किया।

इस दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर पेशवाई में शामिल साधु-संतों का स्वागत किया गया। 100 मीटर का तिरंगा पेशवाई का मुख्य आकर्षण रहा।