उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे है कोरोना के मामले,सार्वजनिक स्थानों पर क्रिसमस और नए साल के सामूहिक कार्यक्रमों पर रोक

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कोरोना महामारी के बीच क्रिसमस और नए साल के जश्न की तैयारी में लगे दुनिया भर के लोगों के लिए निराशा भर खबर आ रही है। भारत में कई राज्यों में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए और दूसरी तरफ ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिलने से पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है। जिसके चलते  क्रिसमस और नए साल की तैयारी में जुटे लोगों के चेहरों पर इस खुशनुमा माहौल में मायूसी छा गई है। क्योंकि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई राज्यों ने क्रिसमस और नए साल के जश्‍न मनाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

उत्तराखंड में भी कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। राज्य में मंगलवार को कोरोना के 611 नए मरीज मिले और 13 संक्रमितों की मौत हो गई। इसके साथ ही राज्य में कुल मरीजों का आंकड़ा 87376 हो गया है। जबकि मरने वालों का कुल आंकड़ा 1439 हो गया है। जिसे देखते हुए राज्य में क्रिसमस और नए साल के जश्न के सामूहिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है।

उत्तराखंड सरकार ने कोरोना के मामलों को देखते हुए क्रिसमस और नए साल मौके पर कुछ पाबंदियां लगाई  हैं। सरकार ने आदेश जारी कर कहा है कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए क्रिसमस और नए साल पर उत्तराखंड में  होटल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर प्रोग्राम, पार्टी या फिर सार्वजनिक समारोह का आयोजन नहीं किया जा सकेगा। देहरादून, मसूरी, ऋषिकेश, चकराता,पौड़ी सहित उत्तराखंड के कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं,जहां सार्वजनिक समारोह के आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इस आदेश के तह्त 25 दिसंबर से 31 दिसंबर और 1 जनवरी 2021 तक राज्य में होटल, रेस्टोरेंट, बार व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सार्वजनिक कार्यक्रम और पार्टी आयोजित नहीं की जाएगी। यदि कोई भी इस आदेश का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो उस पर आपदा प्रबंधन एक्ट-2005 और उत्तराखंड महामारी रोग कोविड-19 एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।

सराकर के आदेश से होटल व्यवसायी नाराज़

उत्तराखंड में सरकार ने भले ही कोरोना के बढ़ते मामलों का हवाला देते हुए क्रिसमस और नए साल पर जश्न मनाने पर प्रतिबंध लगा दिया हो। लेकिन उत्तराखंड के होटल व्यसायी सरकार के इस आदेश खफा हो गए है। जिसके लिए रेस्टोरेंट बार एसोसिएशन ने जिला प्रशासन को पत्र लिख कर अपनी समस्याओं से अवगत करवाया है।

रेस्टोरेंट बार एसोसिएशन ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर निवेदन किया हैं कि कोरोनाकाल में उनका होटल व्यवसाय पूरी तरह से खत्म हो गया है। हजारों होटेलियर बेरोजगार हो गए है। होटल  व्यवसायियों को भारी घाटा झेलना पड़ा है। इस बीचे क्रिसमस और नए साल के कार्यक्रमों के लेकर उन्हें कुछ उम्मीद जगी थी। लेकिन जिला प्रशासन ने इस पर भी पानी फेर दिया है। जिसके चलते उनके सामने जीवन मरण का संकट खड़ा हो गया है।

होटल व्यवसायियों ने सरकार और जिला प्रशासन से निवेदन किया हैं कि वह कोविड-19 की गाइडलाइंस का पालन करते हुए अपने व्यवस्या कर रहे है। उन्हें क्रिसमस और नए साल के कार्यक्रमों की अनुमति प्रदान की जाएं। क्योंकि उनके कई होटल ऐसे हैं जो क्रिसमस और नये साल के कार्यक्रमों की बुकिंग पहले ले चुके है। पार्टियों की लेकर पूरी तैयारी की जा चुकी है। ऐसे में प्रशासन के इस आदेश ने उन्हें असमंजस में डाल दिया है। ऐसे में यदि आयोजन नहीं होगा तो होटल व्यवसायियों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा और हजारों लोगों बेरोजगार हो जाएंगे।