Rishikesh:-बाल दिवस के अवसर पर दिव्य प्रेम सेवा मिशन एवं एनबीटी द्वारा ‘मेरी सपनों की दुनिया:बाल दिवस’ विषय पर संवाद का आयोजन

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राष्ट्रीय पुस्तक न्यास,भारत की गंगा पुस्तक परिक्रमा के दूसरे संस्करण के दौरान 14 नवंबर को बाल दिवस के अवसर पर ऋषिकेश में दिव्य प्रेम सेवा मिशन द्वारा संचालित वंदेमातरम कुंज,तल्ला गंगाभोगपुर (अनाथ आश्रम) में चित्रकारी व निबंध-लेखन प्रतियोगिता और बाल साहित्यकारों से ‘मेरी सपनों की दुनिया:बाल दिवस’ विषय पर संवाद का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में साहित्यकार प्रबोध उनियाल,हेमू भट्ट,महेश चिटकारिया व शशि भूषण बडोनी आमंत्रित थे। कार्यक्रम के आरंभ में दिव्य प्रेम सेवा मिशन के प्रबंधक उमा शंकर और सह संयोजक प्रशांत खरे ने राष्ट्रीय पुस्तक न्यास,भारत की गंगा सचल पुस्तक प्रदर्शनी वैन का रिबन काटकर इसे बच्चों के लिए खोला। इसमें एनबीटी द्वारा प्रकाशित बहुभाषी पुस्तकों का संग्रह उपलब्ध है,जिसके अंतर्गत प्रत्येक आयु वर्ग के अनुसार पुस्तकें हैं। इस पुस्तक प्रदर्शनी में बच्चों ने अपनी रुचि के अनुसार पुस्तकें पढ़ीं।
कार्यक्रम में शामिल बच्चों ने चित्रकारी व निबंध प्रतियोगिता में भाग लिया। प्रसिद्ध साहित्यकार शशि भूषण बडोनी ने जल संरक्षण विषय पर बच्चों को कहानी सुनाई तथा साहित्यकारों ने ‘मेरी सपनों की दुनिया:बाल दिवस’ विषय पर बच्चों से संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान गंगा संरक्षण तथा समाज व संस्कृति पर पड़ने वाले उसके प्रभाव पर साहित्यिक चर्चा करके बच्चों का मनोबल भी बढ़ाया गया। अंत में मुख्य अतिथियों द्वारा चित्रकारी एवं निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को न्यास की पुस्तकें भेंट स्वरूप दी गईं।

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा आयोजित निबंध तथा कला प्रतियोगिता में विजेता रहे बच्चों में,निबंध प्रतियोगिता में प्रथन स्थान,सुशील कुमार,कक्षा-12,द्वितीय स्थान-अंकुश भगत,कक्षा-11 और तृतिय स्थान पर रही कुमारी वेदिका,कक्षा-11,कला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रही कुमारी ऋतु,कक्षा-10,द्वितीय स्थान,कुमारी मोनिका कक्षा-8 एवं सदीप कक्षा-12 और तृतीय स्थान पर रहे कुमारी राजकुमारी कक्षा-9 और कुमारी नैना,अपर्ण कक्षा-7।

आपको बता दें कि लगभग 300 किलोमीटर का सफर तय कर चुकी एनबीटी की ‘गंगा सचल पुस्तक प्रदर्शनी’ वाहन 15 नवंबर को देवभूमि हरिद्वार के चंडीघाट पर पहुँचेगी। गंगा के परिदृश्य में संस्कृति और साहित्य के अद्भुत संगम को इस सचल पुस्तक प्रदर्शनी का विषय बनाया गया है,जिसमें ‘गंगा किनारे,गंगा की बातें’ के माध्यम से गंगा संरक्षण के प्रति स्थानीय लोगों व पर्यटकों को जागरूक करने व आधुनिक युग के युवाओं व बच्चों में पुस्तकें पढ़ने की परंपरा को बनाए रखने का लक्ष्य है।