देश-विदेश में उत्तराखंड का नाम रोशन करने वाले दिव्यांग रेसर दिग्विजय को विश्व रिकॉर्ड इंडिया ने किया सम्मानित

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रविवार को उत्तराखंड सदन, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में देश-विदेश में उत्तराखंड का नाम रोशन करने वाले दिव्यांग रेसर दिग्विजय सिंह को  विश्व रिकॉर्ड  इंडिया सम्मान से सम्मानित किया गया। दिग्विजय को मुख्य प्रयोजक ‘नई पहल नई सोच’ के  संस्थापक  एवं वरिष्ठ अधिवक्ता संजय शर्मा दरमोडा,पद्मश्री,पैरालंपिक पदक विजेता दीपा मलिक एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने सम्मानित किया।

इस मौके पर पद्मश्री,पैरालंपिक पदक विजेता दीपा मलिक ने रेसर दिग्विजय सिंह को विश्व रिकॉर्ड  इंडिया सम्मान से सम्मानित होने पर बधाई देते हुए कहा कि मुझे बहुत ही खुशी हो रही हैं कि दिग्विजय ने जो वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उसके लिए उन्हें सम्मानित किया गया है। यह निश्चित तौर उनकी मेहनत का परिणाम है। दीपा मलिक हैं कहां की लगातार 58 घंटे गाड़ी चलाना बहुत आसान नहीं होता है,आगर से कन्याकुमारी तक सफर तय करना यह सब बहुत मुश्किल होता है। लेकिन दिग्विजय ने यह करके दिखाया है। इसके लिए मैं दिग्विजय को बधाई देती हूं। साथ उन सभी प्रबुद्धजनों का भी आभार जिन्होंने दिग्विजय को ताकत दी। उन्हें सशक्त बनाया कि वह अपने इस प्रयास में सफल हों।

इस अवसर नई पहल नई सोच के संस्थापक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता संजय शर्मा दरमोड़ा ने रेसर दिग्विजय को विश्व रिकॉर्ड  इंडिया सम्मान के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह मेरा सौभाग्य हैं कि मैं उस सशक्त व्यक्ति के साथ खड़ा हूं। जो बहुत ही मेहनती और संघर्षशील है। शायद इस लिए दिव्यांगों को दिव्यशक्ति के रूप में देखा जाता है। मैं दिग्विजय को बधाई देता हूं,आपने देश के साथ-साथ उत्तराखंड का नाम भी विश्व पटल पर रोशन किया है। इससे बड़ी बात यह हैं कि दिग्विजय के माध्यम से हमें भी सम्मानित होने का अवसर मिला है।

श्री दरमोड़ा ने कहा कि दिग्विजय के मन मस्तिष्क में अपने मिशन के प्रति जो जज्बा जो विश्वास है। वह उत्तराखंड के हर व्यक्ति में हो। श्री दरमोड़ा ने कहा कि दिग्विजय के साथ-साथ हमारे देश एवं उत्तराखंड के नौजवानों को खेल,शिक्षा और तमाम दूसरे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए जो भी सेवा की आवश्यकता हो हम उसके लिए हमेशा तैयार है।

आपको बदा दें कि दिग्विजय ने कन्याकुमारी से आगरा तक तीन हजार किलोमीटर की गमबाल इंडिया कार रैली 2020 में दूसरा स्थान हासिल किया था। दिग्विजय सिंह मूल रूप से लक्सर के दाबकी कला गांव कर रहने वाले हैं। उन्होंने पिछले दिनों गमबाल इंडिया कार रैली 2020 में हिस्सा लिया था। जिसके तहत उन्होंने कन्याकुमारी से आगरा तक तीन हजार किलोमीटर का सफर 60 घंटे में पूरा किया। इस प्रतियोगिता में 24 प्रतिभागियों ने 12 कारों के साथ भाग लिया था। जिसमें से दो कारें बीच रास्ते में ही खराब हो जाने के कारण प्रतियोगिता से बाहर हो गई थी। केवल 10 कारें ही 8 चेक प्वाइंट पार करके 27 दिसंबर 2020 को आगरा के होटल कोर्ट यार्ड बाइमैरियट पहुंची थी। जिसमें 3000 किलोमीटर की दूरी निर्धारित 60 घंटे के अंदर श्रेणी विशेष में दिग्विजय सिंह व उनकी सहायक ड्राइवर पल्लवी यादव ने 58 घंटे में पूरा कर दूसरा स्थान प्राप्त किया।

दिव्यांग रेसर दिग्विजय को उनके इस सफ़र में सबसे महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया नई सोच नई पहल के संस्थापक संजय शर्मा दरमोड़ा ने,जिन्होंने एक प्रायोजक के तौर दिग्विजय सिंह के साथ खड़े होकर उनका हौसाल बढ़ाया। इसी का परिणाम हैं कि अप्रैल 2021 में दिग्विजय ने अपनी उपलब्धि को वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए आवेदन किया था। जो अब वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो चुकी हैं। जिसमें दर्शाया गया है कि दोनों पैरों से 80% से भी ऊपर दिव्यांग होने के पश्चात मैनुअल कार से बिना किसी अटैचमेंट का उपयोग किए  58 घंटे में तीन हजार  किलोमीटर दूरी तय करने वाले दिग्विजय  सिंह पहले  दिव्यांग चालक है। जिसके लिए उन्हें यह सम्मान दिल्ली में प्रदान किया गया।

आपको बता दें कि दिग्विजय सिंह पोलियो से ग्रस्त हैं, जिस वजह ने वे बचपन में ही दिव्यांग हो गए थे, लेकिन उन्होंने कभी इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर से सभी सम्मानित सदस्यों को सर्टिफिकेट एवं मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा।

इस मौके पर राज्य सभा की अडिशनल डायरेक्टर,मीना कंडवाल, लक्सर,उत्तराखंड के एस डी एम पूरन सिंह राणा,इनकम टैक्स ओर इंडस्ट्रियल एडवाइस ठाकुर संजय सिंह,डायरेक्टर इन कार नेशन स्पोर्ट्स सुखदेव बरार,संजय चौहान,सुभाष गुसाईं सहित कई गणमान्य लोगों मौजूद थे।

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