रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिले सीएम रावत,चौखुटिया में हवाई पट्टी बनाने का किया आग्रह,जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मंजूर किए कई प्रस्ताव

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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट की। मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री को देहरादून में प्रस्तावित कोस्ट गार्ड रिक्रूटमेंट सेंटर की अद्यतन स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि कुंआवाला में कोस्ट गार्ड भर्ती सेंटर के लिए रक्षा मंत्रालय को सशुल्क भूमि प्रस्तावित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के निकट चौखुटिया में हवाई पट्टी बनाने का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया गया है। गैरसैंण के समीप होने के साथ ही सामरिक दृष्टि से भी इसका बहुत महत्व है।

मुख्यमंत्री ने धारचूला से लिपुलेख तक सड़क सम्पर्क स्थापित कर मानसरोवर यात्रा के लिए लिंक रोड शुरू किए जाने पर रक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया। दोनों के मध्य रूद्रप्रयाग जिले में सैनिक स्कूल स्थापित किए जाने पर भी चर्चा हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा में उत्तराखण्ड के जवानों का हमेशा बड़ा योगदान रहा है। केन्द्र द्वारा उत्तराखण्ड को हर सम्भव सहयोग दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री को जोशीमठ क्षेत्र में आपदा के बाद संचालित राहत व बचाव कार्यों की भी जानकारी दी।

जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने उत्तराखंड में 6 सीवेज शोधन संयंत्र और सीवर लाईन के प्रस्ताव को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से भेंट की। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में 6 सीवेज शोधन संयंत्र और सीवर लाईन (अनुमानित लागत 228 करोड़ 40 लाख रूपये) के प्रस्ताव को मंजूरी देने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने नमामि गंगे के अंतर्गत उत्तराखंड में गंगा और उसकी सहायक नदियों पर 8 स्नान व मोक्ष घाट (अनुमानित लागत 22 करोड़ 04 लाख रूपये) के प्रस्ताव को भी स्वीकृति देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लखवाड़ परियोजना पर कैबिनेट क्लियरेंस  व किसाऊ परियोजना पर राज्यों के बीच में समझौता भी जल्द ही हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र पोषित बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत 1108 करोड़ 38 लाख रूपये की 38 बाढ़ सुरक्षा योजनाओं को वर्ष 2014-15 व 2015-16 में भारत सरकार द्वारा टेक्नो इकोनोमिक क्लीयरेंस प्रदान की जा चुकी है। अब इनके इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस की स्वीकृति अपेक्षित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में अधिक निर्माण लागत को देखते हुए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना हर खेत को पानी की वर्तमान गाइडलाइन के अनुसार 2.5 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर की लागत को बढ़ाकर 4 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर किया जाए। जब तक ऐसा नहीं हो जाता है तब तक राज्य सरकार को 2.5 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर से अधिक की लागत को स्वयं वहन करने की अनुमति दी जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि  पर्वतीय क्षेत्रों में अतिवृष्टि व दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त सिंचाई योजनाओं के जीर्णोद्धार, पुनरोद्धार व सुदृढ़ीकरण को भी प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-हर खेत को पानी में शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-हर खेत को पानी के अंतर्गत उत्तराखंड में 349 करोड़ 39 लाख रूपये लागत की 422 नयी योजनाओं का प्रस्ताव भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने इनकी स्वीकृति का अनुरोध किया। राज्य में जल जीवन मिशन की प्रगति के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को जलशक्ति मंत्रालय से हर सम्भव सहयोग दिए जाने के प्रति आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य से संबंधित सभी लम्बित मामलों का एक माह में निस्तारण कर दिया जाएगा। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को वीर दुर्गादास की प्रतिमा भी भेंट की।