उत्तराखंड में आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले हुए शिक्षकों-अफसरों के तबादलों पर सरकार ने लगाई रोक

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उत्‍तराखंड में चुनाव आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले और इस दौरान बड़ी संख्या में सरकार ने अफसरों और शिक्षकों के तबादले के आदेश जारी किए थे। जिसके बाद उत्तराखंड कांग्रेस और तमाम दूसरे विपक्षी दलों ने इन तबादलों को लेकर सरकार की घेराबंदी भी की,कांग्रेस की ओर से पूर्व सीएम हरीश रावत ने सरकार पर आचार संहिता के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए थे।

चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले उत्तराखंड में हुए इन ताबड़तोड़ तबादलों पर फिहलाह सरकार ने रोक लगा दी है। चुनाव आचार संहिता लागू होने पहले किए गए बेसिक व माध्यमिक के शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों,प्रधानाचार्यों और शिक्षाधिकारियों के स्थानांतरण पर सरकार ने यह कहते हुए रोक लगा दी हैं कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद कार्यमुक्ति एवं कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया अब नहीं होगी। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने इस संबंध में आदेश जारी किए है।

आपको बता दें कि बीती 8 जनवरी से राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू हो चुकी है। इस बीच आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले सरकार ने बाल संरक्षण आयोग,महिला आयोग,बदरीनाथ केदार मंदिर समिति,किसान आयोग,शिक्षा विभाग,सहकारिता विभाग में बड़ी संख्या में तबादले किए थे। साथ ही आबकारी कमिश्नर बदलने और ऊर्जा विभाग में की गई नियुक्ती,ट्रांसफर और प्रमोशन किए थे। जिसको लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे।

इस सब के बीच तबादला आदेश के बाद शिक्षकों,अफसरों की नई तैनाती पर रोक लगी है। शिक्षा सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम की ओर से आदेश जारी किया गया कि राज्य में चुनाव आचार सहिंता लागू होने से अब शिक्षक,अफसर पदभार ग्रहण नही कर पाएंगे। इस आदेश के तह्त कहा गया हैं कि 8 जनवरी तक कार्यभार ग्रहण न करने वाले शिक्षकों और अधिकारियों के कार्यमुक्त होने पर रोक लगा दी गई है।