सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र व राज्य सरकारों से कहा,कोरोना की दूसरी लहर की तीव्रता को देखते हुए जनहित में लॉकडाउन लगाने पर करें विचार!

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भारत में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर लगातार तीव्रत होती जा रही है। देश में हर रोज रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में देश में तीन लाख 68 हजार नए कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं जबकि 3 हजार 417  मरीजों की मौतें हो गई। इस बीच 3 लाख 732 लोगों ने कोरोनो को हराया भी है। 

देश में तेजी से बढ़ते कोरोना कहर के बीच सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकारों से लॉकडाउन पर विचार करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों से सामूहिक समारोहों और सुपर स्प्रेडर कार्यक्रमों पर रोक लगाने का भी आग्रह किया है। कोर्ट ने ये भी कहा कि लॉकडाउन के दौरान कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए व्यवस्था की जानी चाहिए। ताकि गरीबों पर लॉकडाउन के दुष्प्रभाव न पड़े। क्योंकि हमें ज्ञात हैं कि लॉकडाउन के चलते इनकी आर्थिक स्थिति पर कितना प्रभाव पड़ा है। कोर्ट ने कहां हैं कि अगर लॉकडाउन लगाए जाने की आवश्यकता है, तो सरकार को गरीबों की जरूरतों को पूरा करने की व्यवस्था पहले करनी चाहिए।


उत्तराखंड के तीन जिलों में 6 मई तक बढ़ा लॉकडाउन

उत्तराखंड में कोरोना पिछले 24 घंटे में 5606 नए कोरोना संक्रमित मिले, जबकि  71 लोगों की कोरोना से मौत हो गई है। अच्छी खबर यह  2935 कोरोना के  मरीज ठीक भी हुए है। राज्य में  कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए सरकार ने तीन जिलों में कोरोना कर्फ्यू 6 मई तक बढ़ा दिया है। जिसके तह्त देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर  जिले में छह मई तक कर्फ्यू रहेगा। यह प्रावधान नगर निगम देहरादून, ऋषिकेश, छावनी परिषद गढ़ी, क्लेमेंटटाउन, नगर पालिका परिषद मसूरी, डोईवाला, विकासनगर, हरबर्टपुर में छह मई की सुबह पांच बजे तक लागू रहेंगे।

लॉकडाउन के दौरान  दुकानों के खुलने का समय दो बजे से घटाकर 12 बजे तक कर दिया गया है। अब आवश्यक सेवाओं से जुड़ी दुकानें केवल दोपहर 12 बजे तक ही खुलेंगी।