
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में वर्ष 2026 राज्य के विकास की दिशा में एक निर्णायक और परिणामोन्मुख वर्ष के रूप में रहने जा रहा है। ऐतिहासिक नीतिगत निर्णयों के बाद अब सरकार का मुख्य फोकस योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन,जमीनी बदलाव और आम नागरिक की आय व जीवन स्तर में ठोस सुधार पर केंद्रित रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष 2026 की कार्ययोजना सुशासन,समावेशी विकास,आर्थिक आत्मनिर्भरता,कृषि–उद्यानिकी सशक्तिकरण और पर्यावरण संतुलन के इर्द-गिर्द केंद्रित है।
सुशासन और प्रशासनिक सुधार
सरकार का प्राथमिक लक्ष्य शासन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक-आधारित बनाना है। वर्ष 2026 में ई-गवर्नेंस को सभी विभागों में अनिवार्य रूप से लागू करते हुए डिजिटल फाइल सिस्टम,ऑनलाइन सेवाओं और समयबद्ध डिलीवरी को सशक्त किया जाएगा। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जन शिकायतों का त्वरित निस्तारण और सेवाओं की तय समय-सीमा में उपलब्धता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी
राज्य में सड़क,रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूती देना 2026 के एजेंडे का अहम स्तंभ है। चारधाम ऑल वेदर रोड,ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना,हेली सेवाओं का विस्तार और सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक सड़कों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा,ताकि पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य,शिक्षा और आपात सेवाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित हो सके।
उद्यानिकी,पॉलीहाउस और कीवी नीति:-ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई रीढ़
वर्ष 2026 में धामी सरकार का सबसे सशक्त फोकस कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी को आय बढ़ाने का मुख्य माध्यम बनाना है। इसके तहत पॉलीहाउस खेती,कीवी उत्पादन,हाई वैल्यू फसलों और सेब–कीवी नीति को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
राज्य सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में पॉलीहाउस आधारित खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देगी,जिससे किसान वर्षभर सब्ज़ी,फूल और उच्च गुणवत्ता वाली फसलें उगा सकें। पॉलीहाउस के लिए अनुदान,तकनीकी सहायता,प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
कीवी मिशन,कीवी नीति के तहत उत्तराखंड को देश का प्रमुख कीवी उत्पादक राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है।कीवी की खेती से कम भूमि में अधिक आय,बेहतर बाजार मूल्य और निर्यात की संभावनाएँ किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगी। इसके साथ ही सेब,नाशपाती,अखरोट और अन्य पहाड़ी फलों की वैल्यू चेन विकसित की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य है कि “खेती से आय” को दोगुना करने की दिशा में उद्यानिकी को मुख्य हथियार बनाया जाए,जिससे पलायन रुके और गांवों में ही रोजगार के अवसर सृजित हों।
पर्यटन:रोजगार और स्थानीय भागीदारी
पर्यटन को आर्थिक इंजन के रूप में विकसित करना 2026 की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चारधाम यात्रा को सुरक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ विंटर टूरिज्म,साहसिक पर्यटन,ईको-टूरिज्म और होमस्टे योजनाओं को प्रोत्साहन दिया जाएगा। स्थानीय युवाओं और महिलाओं की भागीदारी से पर्यटन आधारित रोजगार सृजन पर विशेष जोर रहेगा।
रोजगार,युवा और कौशल विकास
वर्ष 2026 में सरकारी भर्तियों को पूरी तरह पारदर्शी,समयबद्ध और नकलमुक्त बनाए रखने का संकल्प दोहराया गया है। निजी क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए स्टार्टअप,आईटी पार्क,उद्योग और निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट, तकनीकी प्रशिक्षण और स्वरोजगार योजनाओं का विस्तार किया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुधार
समान नागरिक संहिता (UCC) के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ महिला सुरक्षा,शिक्षा,स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्वयं सहायता समूहों,लखपति दीदी योजना और महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित कर महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन
हिमालयी पारिस्थितिकी का संरक्षण,नदियों और जल स्रोतों का पुनर्जीवन,वनों की सुरक्षा और आपदा पूर्व चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करना सरकार की दीर्घकालिक प्राथमिकताओं में शामिल है।
वर्ष 2026 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के लिए “नीतियों से परिणाम” का वर्ष होगा। उद्यानिकी,पॉलीहाउस और कीवी जैसी उच्च आय वाली योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हुए सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को एक सशक्त,आत्मनिर्भर और संतुलित विकास वाला राज्य बनाना है,जहाँ विकास और प्रकृति साथ-साथ आगे बढ़ें और हर नागरिक को समान अवसर मिले।
वर्ष 2026 उत्तराखंड के लिए परिणाम दिखाने का वर्ष होगा। हमारा उद्देश्य है कि सुशासन का लाभ हर नागरिक तक पहुंचे। पर्वतीय क्षेत्रों में पॉलीहाउस खेती,कीवी,सेब और अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देकर हम किसानों की आय को बढ़ाने पर विशेष फोकस रहेगा।
युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता के साथ-साथ स्टार्टअप,उद्योग और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देंगे। हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड सशक्त,सुरक्षित,आत्मनिर्भर और विकास के अवसरों से भरपूर राज्य बने जहां किसान समृद्ध हों,युवा आशावान हों और महिलाएं मुख्यधारा में सहभागी बनें।
पुष्कर सिंह धामी,मुख्यमंत्री
















