हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकार विश्वमोहन बडोला का यूं चुपचाप चले जाना!

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पवन कुमार मैठाणी

सुप्रसिद्ध पत्रकार टाइम्स ऑफ इंडिया के लखनऊ संस्करण के पूर्व संपादक एवम् टीवी, रंगमंच और फिल्मों के अभिनेता विश्वमोहन बडोला जी का देर शाम सोमवार को निधन हो गया। वह 84 वर्ष (1936-2020) के थे।

उनके परिवार में पत्नी के अलावा एक पुत्र और दो बेटियां हैं। टीवी के जाने माने एक्टर वरुण बडोला वी.एम. बडोला के ही बेटे हैं वहीं एक्ट्रेस अलका कौशल (कुम-कुम, एक प्यारा सा बंधन,कबलू सीरियल की अभिनेत्री) तथा आर जे कालिंदी उनकी बेटी है। विश्वमोहन बडोला जी मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड के  गाँव-ठंठोली,पट्टी-मल्ला ढांगू, ब्लॉक-द्वारीखाल,यमकेश्वर विधान सभा के रहने वाले थे। वी.एम. बडोला ने अपना ज्यादातर  समय दिल्ली में ही गुजारा था।

विश्वमोहन बडोला के बेटे अभिनेता वरुण बडोला ने अपने इंस्टाग्राम पर पिता की पुरानी तस्वीर साझा करते हुए पोस्ट में लिखा, ‘बहुत से लोग ये कहते हैं कि उनके बच्चे उनकी बात नहीं सुनते। लेकिन वे भूल जाते हैं कि बच्चे हमेशा उन्हें देख रहे हैं। मेरे पिता ने मुझे कभी भी सिखाने के लिए नहीं बैठाया। उन्होंने मेरे लिए सीखने का एक तरीका बनाया। उन्होंने ऐसा उदाहरण सेट किया कि मेरे पास उनका अनुसरण करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था।’ पिता जी ने मुझे एक आदमी बना दिया। बिना कोई गलती किए वह एक लीजेंड थे, लेकिन मेरे लिए, वह मेरे पिता थे। एक पिता जो हमेशा देखता और हमेशा सुनता रहता था। अब वे नहीं हैं लेकिन उनकी विरासत हमेशा कई रूपों में बनी रहेगी।’

आशुतोष गोवारिकर की हिंदी फिल्म ‘स्वदेस’ में अभिनय के दौरान बडोला जी सपनों की नगरी मुंबई चले गए। बडोला जी ने कई धारावाहिकों में काम किया था। सन 1995 में ‘अम्मा एंड फैमिली’ तथा ‘निशा उसके’ कजिन, दूरदर्शन के उपनिषद् गंगा धारावाहिक उनका काफी प्रसिद्ध हुआ था।

विश्व मोहन बडोला ने दिल्ली दूरदर्शन में पत्रिका,सृजन,कला परिक्रमा और किताब की दुनिया जैसे साहित्यिक कार्यक्रमों के संचालन तो किया ही साथ ही कई दिग्गज साहित्याकारों,पत्रकारों और रंगकर्मियों के साक्षात्कार भी किए।  

हिंदी फिल्म स्वदेश, मुन्ना भाई एमबीबीएस,जॉली एल.एल.बी-2,जोधा-अकबर, लेकर हम दीवाना दिल, प्रेम रत्न धन पायो,मिक्की वायरस, मिसिंग, जलपरीःद डेर्जट मरमेड समेत कई फिल्मों में बडोला जी ने बेहतरीन व जीवंत अभिनय किया। बडोला जी ने ओम पुरी के साथ भी रंगमंच  किया है। तुगलक नाटक में भी उन्होंने अभिनय किया था। उन्होंने डेकन हेराल्ड नॉर्थरन पत्रिका पायनियर में भी काम किया था। उच्चकोटी के दिग्गज अभिनेता रंगकर्मी विश्वमोहन बडोला को गढ़वाल हितैषिणी सभा दिल्ली अपनी भाव-भीनी श्रद्धांजलि अर्पित करती  है। बडोला जी के रूप में फिल्म जगत ने तो एक उच्च कोटि का अभिनेता खोया ही लेकिन गढवाल के द्वारीखाल ब्लाक के ढांगू क्षेत्र ने आज अपनी एक अति विशिष्ठ शख्सीयत को खो दिया है।