बड़कोटःपौराणीक देवलांग पर्व पर उमड़ा आस्था का सैलाब

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सुनील थपलियाल

प्रकाश पर्व दिवाली या दीवाली शरद ऋतु (उत्तरी गोलार्द्ध) में मनाय जाता है। लेकिन मंगशीर की बग्वाल पारंपरिक रूप से मनाई जाती है। उत्तरकाशी जनपद में यमुनाघाटी के गैर गांव, गंगटाड़ी और कुथनौर गांव में मंगशीर की बग्वाल जिसे देवलांग के नाम से जाना जाता है यानी बड़ी दीपावली बड़े हर्षो उल्लाहस से मनायी गयी।

आपको बता दें कि मंगशीर की बग्वाल यानी देवलांग को लेकर कहते हैं कि भगवान राम के अयोध्या लौटने की खबर पहाड़ की कन्दराओं में एक माह बाद मिली थी और दुसरा पहलु कि बीर माधो सिंह जब युद्व कर लौटे थे। उसकी भी सूचना देरी से मिली थी। यमुनाघाटी में राजा रघुनाथ को ईष्ट मानने वाले श्रद्वालुगण उत्साह के तौर पर देवलांग को प्राचीन काल से मनाते आ रहे है। देवलांग पर्व के लिए ग्रामीण जंगल से देवदार का विशालकाय पेड़ लाते है और 65 गांव के ग्रामीण शाटी और पानसाई तोक में विभाजित होकर हरे पेड़ पर सुखी लकडियों के टुकड़े लगाने को बाद उसे डण्डों के बल पर खड़ा करते है और उसे आग के हवाले करते हुए अंधेरे से उजाले की ओर मनाये जाने वाले पर्व देवलांग को पूजा अर्चना शंखनाद और ढोल नगाड़ो के बीच नृत्य करते हुए धुमधाम से मनाते है।

साथ ही क्षेत्र की राजकुशलता के लिए रघुनाथ मन्दिर में पूजा अर्चना करना यहां की पुरानी परम्परा है।  भले ही इस साल देवदार के पेड़ को खड़ा करने में दोनो दलों को भारी मशक्क्त करनी पड़ी, दो बार पेड़ आधा उठने के बाद गिर गया,लेकिन रघुनाथ जी के कृपा से कोई भी श्रदालु चोटिल नहीं हुआ। पूर्व सरकार के समय गैर गांव के होने वाले देवलांग पर्व को राजकीय मेला घोषित किया गया था। उसके बाद से संस्कृति विभाग से लोक नृत्य की टीमें यहां प्रतिभाग करने पहुचंती थी। लेकिन इस वर्ष कोरोना वायरस (कोविड 19) के चलते सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं हो पाए।

इसके अलावा देवलांग पर्व गंगटाड़ी और कुथनौर गांव में आयोजित हुआ और जगह जगह अपने ईष्ट से श्रद्वालुओं ने मनोकामना पूर्ण होने के लिए आशीर्वाद मांगा। इस शुभअवसर पर देश-विदेश से इस क्षेत्र के लोग देवलांग पर्व में शामिल होने के लिए अपने गांव पहुंचे है।

देवलांग पर्व के अवसर पर सुखदेव रावत,क्षेत्र पंचायत सदस्य जशवंत सिंह,पुजारी सियाराम गैरोला, मोहन गैरोला, प्रदीप गैरोला, लायबर सिंह मटुड़ा,जिला पंचायत सदस्य पवन सिंह, सुरेन्द्र सिंह रावत, लेखा सिह,सेाहन गैरोला, सचिन नौटियाल,दिनेश रावत, इंद्र सिंह नेगी,शशिमोहन रवांल्टा सहित हजारों की संख्या में मेलार्थी पहुचें हुए थे।