हरिद्वार कुंभ पर भी कोरोना का साया,कोरोना हॉटस्पॉट बनी कुंभ नगरी हरिद्वार 1300 संक्रमित

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कोरोना के साए में आयोजित हो रहे हरिद्वार कुंभ पर धीरे-धीरे कोरोना का साया पड़ने लगा है। धीरे-धीरे कुंभ नगरी हरिद्वार से कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा आने लगा है। जिसमें बताया जा रहा हैं कि  हरिद्वार कुंभ में पिछले तीन स्नानों पर 49,31,343 संत और श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई है। इनमें से 1854 श्रद्धालु, संत और मेले से जुड़े कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। बुधवार को पुलिस द्वारा जारी आंकड़ो के मुताबिक मकर संक्रांति से लेकर मेष संक्रांति के शाही स्नान तक कुंभ में लगभग एक करोड़ से अधिक लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई।

इस दौरान चौकाने वाली बाद यह हैं कि इन तीनों ने शाही स्नान के बात से जिस तरह से हरिद्वार से कोरोना को लेकर खबरें आ रही है। वह निश्चित तौर से डराने वाली है। कुंभ मेले में बीते तीन दिनों में 1300 लोग कोरोना की चपेट में आए जिनमें से 18 संत-महात्माओं को भी कोरोना ने अपनी चपेट में लिया है। पिछले 15 दिनों की बात करें तो हरिद्वार कुंभ में 3885 कोरोना के मामले आए हैं। चिंतित करने वाली खबर यह हैं कि अप्रैल में संक्रमित हुए व्यक्तियों में 49 फीसद बीते चार दिन में आए हैं। यह संख्या 1913 है। इसमें 32 संत भी अब तक संक्रमित हो चुके हैं। पिछले दिनों कोरोना संक्रमित हुए महामंडलेश्वर कपिल देव दास की अस्पताल में मौत हो गई। जिसके बाद हरिद्वार पहुंचे साधु-संतों में निराश है।

हरिद्वार कुंभ में मेष संक्रांति,बैसाखी के मुख्य शाही स्नान तक करोड़ो लोगों गंगा में डुबकी लगा चुके है। इसी के साथ मेष संक्रांति के शाही स्नान के साथ संन्यासियों का कुंभ भी पूर्ण हो गया है। लेकिन अब जिस तरह से हरिद्वार कुंभ से कोरोना संक्रमितों के आंकड़े आ रहे है। उसे देखते हुए कहा जाने लगा हैं कि क्या कोरोना संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों के मध्यनजर कुंभ के समापन की घोषणा की जा सकती है? क्योंकि मेष संक्रांति के शाही स्नान के साथ ही धीरे-धीरे अपनी छावनियों को छोड़ रहे है।

इसी के साथ शासन-प्रशासन भी कुंभ में एंटीजन टेस्ट ज्यादा से ज्यादा करने और इसके बाद कुंभ स्नान की अनुमति देने की लगातार कोशिश कर रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी की भविष्य में कुंभ स्नान को लेकर सरकार-प्रशासन किस तरह की व्यवस्था करता है,ताकि हरिद्वार को कोरोना हॉटस्पॉट बनने से रोका जा सके।